नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संगठन (आईओए) द्वारा डेढ़ महीने पहले भंग किए गए भारतीय हॉकी फेडरेशन (आईएचएफ) के स्थान पर नियुक्त की गई तदर्थ समिति के सदस्यों का भारतीय हॉकी के जुड़े दिन-प्रतिदिन के कामकाज पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। भारतीय ओलंपिक संगठन (आईओए) द्वारा डेढ़ महीने पहले भंग किए गए भारतीय हॉकी फेडरेशन (आईएचएफ) के स्थान पर नियुक्त की गई तदर्थ समिति के सदस्यों का भारतीय हॉकी के जुड़े दिन-प्रतिदिन के कामकाज पर नियंत्रण नहीं हो पाया है।
आईओए के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी की अध्यक्षता में तदर्थ समिति के. पी. एस. गिल के समय की लेखा पुस्तकें या अन्य कोई भी दस्तावेज हासिल नहीं कर सकी है।
इस समिति को शुरुआत से ही समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। तदर्थ समिति के सदस्यों का कहना है कि उन्हें पहले के कार्यालय ने कोई भी दस्तावेज नहीं सौंपा है।
उल्लेखनीय है कि गिल ने खुद को हटाए जाने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दाखिल की हुई है, जिस पर अभी फैसला आना बाकी है।
राष्ट्रीय हॉकी टीम के मुख्य चयनकर्ता असलम शेर खान ने कहा कि पूर्व आईएचएफ के सचिव नारायणन अभी भी गिल को रिपोर्ट भेजते हैं। खान ने आईएएनएस को बताया कि नारायणन दस्तावेजों को सुपुर्द करने में रोड़ा बने हुए हैं।
खान के मुताबिक नारायणन ने एशियन हॉकी फेडरेशन से यह भी कहा है कि हैदराबाद में अगले महीने होने वाले जूनियर एशिया कप का आयोजक आईएचएफ नहीं होगा।
इस बीच नारायणन ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें तदर्थ समिति से कोई भी आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। वे सिर्फ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। नारायणन के मुताबिक अगर इस बारे में किसी को और ज्यादा जानकारी हासिल करना है, तो उसे आईओए से पूछना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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