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एशियाड-2010 : तरुणदीप ने रजत जीत रचा इतिहास, 6 कांस्य भी मिले (राउंडअप)

तरुणदीप ने भारत को एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में पहली बार रजत दिलाया। इसके अलावा मुक्केबाजी में सुरंजय सिंह, चार बार की विश्व चैम्पियन एम.सी. मेरीकॉम, परमजीत समोता और कविता गोयत ने पुरुष एवं महिला वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। साथ ही साथ भारत की महिला एवं पुरुष स्क्वॉश टीमों ने भी शानदार सफलता अर्जित करते हुए एक-एक कांस्य पदक जीता।

भारत की महिला हॉकी टीम के पास भी कांस्य जीतने का मौका था लेकिन वह इस मौके को भुना नहीं सकी और जापान के हाथों हार गई। कबड्डी में भारतीय टीमों ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है जबकि एथलेटिक्स में भी भारत को अलग-अलग स्पर्धाओं में खुशी मिली है। निशानेबाजी की स्कीट स्पर्धा के साथ-साथ कुश्ती में भारत को निराशा हाथ लगी। पहलवान कांस्य जीतने के दो मौकों पर पटखनी खा गए।

पदक तालिका में भारत 10वें स्थान पर खिसक गया है। 11वें दिन सोमदेव देवबर्मन के टेनिस एकल के स्वर्ण की बदौलत वह आठवें स्थान पर पहुंच गया था। भारत के खाते में सात स्वण पदकों के साथ कुल 46 पदक हैं जबकि चीन ने 352 पदकों के साथ तालिका में पहला स्थान कब्जाए रखा है। भारत के नाम 26 कांस्य और 13 रजत पदक दर्ज हैं। चीन के खाते में 173 स्वर्ण हैं। उसने बुधवार को 2006 एशियाई खेलों में जीते गए अपने 165 स्वर्ण पदकों की संख्या को पीछे छोड़ा।

तरुणदीप ने रचा इतिहास, जीता तीरंदाजी में रजत :

तरुणदीप ने तीरंदाजी स्पर्धा के व्यक्तिगत वर्ग में देश के लिए पहला रजत पदक हासिल करते इतिहास रच दिया। तरुणदीप ने फाइनल में पहुंचकर देश के लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया था लेकिन उन पर देश को पहली बार इस स्पर्धा में स्वर्ण दिलाने की जिम्मेदारी थी।

तरुणदीप इस जिम्मेदारी को निभा नहीं सके और फाइनल में दक्षिण कोरिया के वूजिन किम के हाथो 7-3 से हार गए। इस तरह भारत अपना आठवां स्वर्ण जीतने से चूक गया। तरुणदीप ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे के खिलाड़ी चुन चिया सुंग को 7-3 से पराजित किया। इससे पहले तरुणदीप ने 1/4 इलिमिनेशन राउंड में दक्षिण कोरिया के जिनयेक ओह को 6-4 से हराया था।

1/8 इलिमिनेशन राउंड में तरुणदीप मलेशिया के तीरंदाज चुन सियांग चेन पर 6-0 से जीत हासिल की थी जबकि क्वालीफाईंग दौर में तरुणदीप ने वियतनाम के ट्रांग केन डायो को 5-1 के अंतर से पराजित किया था।

भारत के एक अन्य तीरंदाज राहुल बनर्जी क्वार्टर फाइनल में हारकर खिताबी दौड़ से बाहर हो गए हैं। 1/16 इलिमिनेशन राउंड में नेपाल के जीत बहादुर मुकतान को 4-0 से हराने वाले राहुल क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के चिया चुन सुंग के हाथों 0-6 से हार गए।

5 मुक्केबाज फाइनल में, मेरीकॉम ने किया निराश :

मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत को बुधवार को आशातीत सफलता हासिल हुई। दो महिलाओं सहित कुल नौ मुक्केबाजो ने सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। इनमें से ओलम्पिक कांस्य जीतने वाले विजेंदर सिंह सहित पांच मुक्केबाज फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे हैं।

सेमीफाइनल में चार बार की विश्व चैम्पियन एमसी मेरीकॉम और युवा विश्व चैम्पियन सुरंजय सिंह की हार हालांकि चौंकाने वाली रही। सुरंजय और मेरीकॉम के अलावा सुपर हेवीवेट वर्ग में परमजीत समोता तथा महिला वर्ग में कविता गोयत कांस्य पदक जीतने में सफल रहे। विजेंदर के अलावा विकास कृष्णन, संतोष कुमार, मनप्रीत सिंह और दिनेश कुमार अपने-अपने वर्ग के फाइनल में पहुंच गए हैं।

2008 बीजिंग ओलम्पिक में कांस्य पदक जीतने वाले विजेंदर ने सेमीफाइनल मुकाबले में ईरान के मोहम्मद सातापोर को 10-7 से पराजित कर अपने लिए कम से कम एक रजत पदक सुरक्षित किया।

दिनेश ने 81 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में नेपाल के मुक्केबाज दीपक महराजन को 7-1 के अंतर से पराजित किया। इस तरह दिनेश ने अपने लिए कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया।

विकास ने 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में पहुंचकर देश के लिए इस स्पर्धा में पहला रजत पदक पक्का किया। विकास ने उज्बेकिस्तान के मुक्केबाज हुर्शीद तोजीबेव को 7-0 से पराजित किया।

91 किलोग्राम वर्ग में मनप्रीत ने तजाकिस्तान के मुक्केबाज जाखोन कुर्बोनोव को 10-2 के अंतर से मात दी। इस तरह मनप्रीत ने अपने वर्ग में देश के लिए कम से कम एक रजत पदक सुरक्षित कर लिया है।

भारत की महिला मुक्केबाज मेरीकॉम हालांकि 48-51 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में हार गईं। मेरीकॉम की हार के साथ भारत की मुक्केबाजी में स्वर्ण जीतने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। मेरीकॉम को सेमीफाइनल में पहुंचने के बदले कांस्य पदक प्राप्त हुआ।

चार बार की विश्व चैम्पियन मेरीकॉम को चीन की चानचान रेन ने 11-7 से पराजित किया। लम्बे कद की चानचान के खिलाफ मेरीकॉम ने गजब की फुर्ती दिखाई लेकिन वह 51 किलोग्राम की विश्व चैम्पियन चानचान को हरा नहीं सकीं।

सुपर हेवीवेट वर्ग में समोता अंतिम-चार दौर में हार गए। समोता को भी कांस्य पदक प्राप्त हुआ। समोता को चीन के झेलई झांग ने 15-3 के भारी अंतर से पराजित किया। लम्बे कद के झांग के मुक्कों के आगे समोता बेबस नजर आए।

यह मुकाबला पूरे तीन राउंड तक नहीं चल सका। रेफरी ने समोता को लगी चोट को देखते हुए मुकाबला तीसरे दौर के अंतिम चरण में रोक दिया। समोता ने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीता था।

52 किलोग्राम वर्ग में भी भारत को निराश मिली। दिग्गज मुक्केबाज सुरंजय सिंह सेमीफाइनल में हार गए। सुरंजय को चीन के योंग चांग ने 6-5 से पराजित किया। इस हार के बावजूद सुरंजय कांस्य जीतने में सफल रहे।

महिला वर्ग में कविता गोयत 69-75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में हार गईं। कविता को चीन की जिनजी ली ने 5-1 से पराजित किया। इस हार के बावजूद कविता को कांस्य पदक प्राप्त हुआ है।

कविता ने पहले राउंड में एक अंक प्राप्त किया जबकि ली ने पहले राउंड में तीन और चौथे राउंड में दो अंक हासिल किए। कविता ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की मेरिना वोलनोवा को कड़े संघर्ष के बाद 8-7 से पराजित किया था।

स्क्वॉश की टीम स्पर्धा में मिले 2 कांस्य :

स्क्वॉश में महिलाओं के बाद पुरुषों ने टीम स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। महिला टीम की तरह पुरुष टीम भी बुधवार को अपना सेमीफाइनल मुकाबला हार गई। पुरुषों को पाकिस्तान ने 2-0 से हराया जबकि महिलाओं को इसी अंतर से मलेशिया के खिलाफ हार मिली।

महिला वर्ग के पहले मैच में भारत की अनाका अलनाकामोनी को वी वर्न लोव के हाथों 2-11, 4-11, 6-11 से हार झेलनी पड़ी।

एक अन्य मुकाबले में शीर्ष भारतीय और विश्व की 37वीं वरीय खिलाड़ी विश्व की शीर्ष वरीय खिलाड़ी निकोल डेविड से 4-11, 2-11, 3-11 से हार गईं। मलेशियाई टीम फाइनल में हांगकांग से भिड़ेगी। हांगकांग ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 2-0 से पराजित किया।

पुरुष वर्ग में सिद्धार्थ सुचदे को फरहान महबूब के खिलाफ अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन वह यह मैच 14-16, 12-10, 9-11, 5-11 के अंतर से हार गए। इसके बाद भारत के सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी सौरव घोषाल को आमिर एटलस खान के खिलाफ 13-15, 11-5, 5-11, 6-11 से हार मिली।

फ्रीस्टाइल कुश्ती में हाथ से निकले 2 कांस्य :

भारत के पहलवान रामवीर फ्रीस्टाइल कुश्ती के 84 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने से चूक गए। सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के जियासुंग ली के हाथों 1-3 से हारने वाले रामवीर कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में मंगोलिया के पहलवान उसुखबातार पुरवी से 1-3 के अंतर से हार गए।

भारत के एक अन्य पहलवान प्रदीप कुमार फ्रीस्टाइल के 66 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के लिए हुए मुकाबले में हार गए। प्रदीप को उत्तर कोरिया के पहलवान युन सोंग यांग ने 3-1 से पराजित किया।

महिला हॉकी टीम कांस्य पदक से चूकी :

महिला हॉकी में बुधवार को तीसरे स्थान के लिए खेले गए मुकाबले में जापान ने भारत को 1-0 से पराजित किया। महिला टीम ने दोहा एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल किया था।

मैच का फैसला अतिरिक्त समय में हुआ। जापान ने 78वें मिनट में केइको मानाबे द्वारा किए गए गोल्डन गोल की मदद से जीत हासिल की। पुरुष वर्ग में भारतीय टीम मंगलवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के हाथों हार गई थी। अब उसे कांस्य पदक के लिए दक्षिण कोरिया से भिड़ना है।

कबड्डी टीमें सेमीफाइनल में :

भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने अपनी जीत का सिलसिला जारी रखते हुए ग्रुप-ए के अपने मुकाबले में बुधवार को दक्षिण कोरिया को हरा दिया। पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 37-19 के बड़े अंतर से पराजित किया। पहले मुकाबले में पुरुष टीम ने ईरान को बड़े अंतर से हराया था।

इसी दिन महिला टीम ने भी दक्षिण कोरिया को हराया। भारतीय टीम ने यह मैच 47-21 के अंतर से जीता। ग्रुप स्तर में भारत की यह तीसरी जीत है। पहले मुकाबले में उसे नेपाल के खिलाफ वॉकओवर मिला था जबकि दूसरे मुकाबले में बांग्लादेश को 34-20 से हराया था। भारत की महिला एवं पुरुष टीमें सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं।

निशानेबाजी की स्कीट स्पर्धा में मिली निराशा :

निशानेबाजी की स्कीट स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों ने निराशाजनक प्रदर्शन किया। पुरुष टीम जहां टीम स्पर्धा में सातवें स्थान पर रही वहीं भारतीय खिलाड़ी व्यक्तिगत स्पर्धाओं के प्रतिस्पर्धी दौर के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।

भारत के मिराज अहमद खान, एलम डेनियल पीपुल्स और समित सिंह ने कुल 336 अंक हासिल किए जबकि कतर की टीम ने 353 अंकों के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। रजत पदक कुवैत ने जीता जबकि चीन को कांस्य से संतोष करना पड़ा।

एथलेटिक्स में अच्छा रहा दिन :

12वें दिन एथलेटिक्स में हालांकि भारत को अच्छी खबर मिली। इस दिन कोई पदक तो नहीं मिला लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं के फाइनल में जगह बनाकर आगे के लिए उम्मीद जगाई है।

अश्विनी चिदानंद अकुंजी और जाउना मुर्मू ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह पक्की की वहीं टिंटू लुका महिलाओं की 800 मीटर स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। इसके अलावा सैथिया सुरेश ने पुरुषों की 200 मीटर दौड़ की हीट में पहला स्थान प्राप्त किया।

सुरेश ने 21.03 सेकेंड समय के साथ तीसरी हीट में पहला स्थान हासिल किया जबकि अच्छी शुरुआत के बाद राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने से चूकीं टिंटू दो मिनट 3.85 सेकेंड के साथ दूसरी हीट में पहले स्थान पर रहीं।

मुर्मू ने 400 मीट बाधा दौड़ की हीट में 57.17 सेंकेंड का समय लिया जबकि अश्विनी ने 59.26 सेंकेड का वक्त लिया। अश्विनी का इस सत्र का यह सबसे शानदार प्रदर्शन था। महिलाओं की बाधा दौड़ स्पर्धा का फाइनल गुरुवार को होगा।

इसके अलावा पुरुषों की 400 मीटर की बाधा दौड़ में जोसेफ अब्राहम ने 50.93 सेकेंड का समय लेकर क्वाइलीफाई किया। पुरुषों के डेकाथलन स्पर्धा में भारत के भरत इंदर सिंह 14.50 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने 749 अंक हासिल किए। लम्बी कूद स्पर्धा में 7.12 मीटर के साथ छठे स्थान पर रहे थे। इसी तरह 100 मीटर की दौड़ में वह आठवें स्थान पर रहे थे।

पुरुषों के डिस्कस थ्रो में भारत को हालांकि निराशा हाथ लगी। भारत के विकास गौड़ इस स्पर्धा के फाइनल में 63.13 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रही जबकि ईरान के एहसान हादादी ने 67.99 मीटर की दूरी नापकर स्वर्ण पदक हासिल किया। कतर के मोहम्मद डहीब को 64.56 मीटर के साथ रजत प्राप्त हुआ।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Wednesday, November 24, 2010, 21:25 [IST]
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