समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक ब्लैटर ने हालिया विवादों के कारण अपना पद छोड़ने से इंकार किया। साथ ही उन्होंने फीफा की विस्तार नीति का भी बचाव किया।
हाल ही में 2018 और 2022 विश्व कप के लिए मेजबानों के नाम घोषित किए गए थे लेकिन इस दौरान फीफा को कई तरह के विवादों का सामना करना पड़ा क्योंकि नीलामी से पहले और उसके बाद यह बात सामने आई कि फीफा ने पहले तो परिणाम निर्धारित समय से लीक कर दिए थे और इसके अलावा मेजबानी हासिल करने के लिए दावेदारों ने फीफा अधिकारियों को रिश्वत दी है।
ब्लैटर ने कहा, "हम पूरे मामले पर जांच कर रहे हैं। हम चुपचाप अपनी आलोचना नहीं सुन सकते। हमें अपनी छवि की भी चिंता है। मेरे व्यक्तिगत तौर पर इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता।"
फुटबाल के आलोचकों ने नए अध्यक्ष को नियुक्त करने की मांग की है लेकिन 74 वर्षीय ब्लैटर ने इसे खारिज कर दिया है। ब्लैटर ने कहा, "मुट्ठी भर पत्रकारों से लिखने से मैं पद नहीं छोड़ने वाला। आज वे मुझसे इस्तीफे की मांग कर रहे हैं और कल 208 सदस्य देशों के अध्यक्षों को बदलने की मांग करेंगे।"
ब्लैटर ने कहा कि छवि सुधारने के लिए फीफा कुछ ठोस कदम उठाने जा रहा है। सबसे पहले इसके तहत एक टॉस्क-फोर्स का गठन किया जाएगा, जो प्रशासनिक स्तर पर सुधार का काम करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।