नारवेकर पर आरोप है कि उन्होंने अपने बेटे को राज्य की अंडर-15 टीम में खिलाने के लिए जाली जन्म प्रमाण पत्र का सहारा लिया था।
पुलिस के मुताबिक मामले के नारवेकर वर्तमान में गोवा क्रिकेट एसोसिएशन (जीसीए) के अध्यक्ष तथा अलदोना सीट से कांग्रेस के विधायक हैं। इससे पूर्व वह राज्य के उपमुख्यमंत्री भी रह चुके हैं।
एक शीर्ष पुलिस अधिकारी ने बताया, "नारवेकर, पत्नी सुषमा और बेटे गणेशराज के अलावा उनके एक रिश्तेदार रविंद्र चोडनकर के खिलाफ मापुसा पुलिस स्टेशन में डेढ़ महीने पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी।"
अधिकारी ने बताया, "शिकायत लगभग डेढ़ महीने पहले दर्ज कराई गई थी और अब उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 471(जालसाजी), 120 (आपराधिक षडयंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।"
अधिकारी ने बताया कि शेखर सालकर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक गणेशराज वर्ष 2005-2007 के बीच दक्षिण जोन गोवा के लिए अंडर 15 वर्ग में खेल चुका है लेकिन जाली प्रमाणपत्र जमा करने और नाम बदलकर अनीश रखने के बाद उसे तीसरे साल भी खेलने की अनुमति दी गई।
अधिकारी ने बताया, "शिकायतकर्ता में दोनों जन्मप्रमाण पत्र मुहैया कराये हैं जिनके बारे में उसका दावा है कि उसने इन्हें सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त किया है।"
अधिकारी ने बताया कि मूल प्रमाणपत्र के मुताबिक गणेशराज की जन्मतिथि 28 फरवरी 1993 है जबकि जाली प्रमाण पत्र में उसकी जन्मतिथि एक सितम्बर 1993 दिखाई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।