बारिश के कारण जहां 59 ओवर का ही खेल संभव हो सका है वहीं आस्ट्रेलिया ने अच्छी शुरुआत के बावजूद अपने चार विकेट गंवा दिए। पहला टेस्ट मैच खेल रहे उस्मान ख्वाजा (37) का विकेट गिरने के बाद आई बारिश के बाद दिन का खेल समाप्त करने की घोषणा की गई।
माइकल हसी 12 रन बनाकर नाबाद हैं जबकि अगले बल्लेबाज के विकेट पर आने का इंतजार है। हसी ने 19 गेंदों पर एक चौका लगाया है। इंग्लैंड की ओर से टिम ब्रेसनन ने दो विकेट लिए हैं जबकि क्रिस ट्रेमलेट और ग्रीम स्वान को एक-एक सफलता मिली है। बारिश के कारण चार बार खेल में बाधा आई।
सलामी बल्लेबाज शेन वॉटसन (45) और अब तक इस श्रृंखला में नाकाम रहे फिलिप ह्यूज (31) ने आस्ट्रेलिया को अच्छी शुरुआत देते हुए पहले विकेट के लिए 55 रन जोड़े लेकिन मेजबान टीम बारिश की आंखमिचौली के बीच अपनी पारी को अपेक्षित शक्ल नहीं दे सकी।
55 के कुल योग पर ह्यूज का विकेट गिरने के बाद वॉटसन और ख्वाजा ने दूसरे विकेट के लिए 50 रन जोड़े। ह्यूज ने 93 गेंदों पर पांच चौके लगाए जबकि वॉटसन ने 127 गेंदों पर इतने ही चौके जड़े।
चोटिल कप्तान रिकी पोंटिग के स्थान पर टेस्ट कैप पहनने वाले आस्ट्रेलिया के पहले मुसलमान क्रिकेट खिलाड़ी ख्वाजा बड़ी पारी नहीं खेल सके लेकिन 37 रनो की संक्षिप्त पारी के दौरान ही उन्होंने काफी प्रभावित किया। ख्वाजा ने 95 गेंदों पर पांच चौके लगाए।
पोटिग के स्थान पर टीम की कमान संभाल रहे भविष्य के नियमित कप्तान बताए जा रहे माइकल क्लार्क बतौर कप्तान अपने पहले टेस्ट मैच में बुरी तरह नाकाम रहे और केवल चार रन बनाकर पेवेलियन लौट गए।
मेलबर्न टेस्ट में मिली शर्मनाकर पराजय के बाद एशेज अर्न गंवाने वाली आस्ट्रेलियाई टीम इस मैच के जरिए अपनी बची-खुची प्रतिष्ठा बचाने का प्रयास करेगी।
इंग्लैंड के लिए भी यह मैच काफी अहम है क्योंकि अर्न अपने घर ले जाने के साथ-साथ एंड्रयू स्ट्रॉस के साथी निश्चित तौर पर यह श्रृंखला भी अपने नाम करना चाहेंगे। इंग्लैंड ने 24 वर्ष के बाद एशेज पर कब्जा बरकरार रखा है।
पांच मैचों की श्रृंखला में मेहमान टीम 2-1 से आगे चल रही है। उसने एडिलेड और मेलबर्न में खेले गए दूसरे और चौथे टेस्ट मैच में पारी के अंतर से जीत हासिल की थी जबकि आस्ट्रेलिया ने पर्थ टेस्ट भारी अंतर से जीता था। ब्रिस्बेन टेस्ट बराबरी पर छूटा था।
सिडनी में आस्ट्रेलिया का रिकार्ड शानदार रहा है। उसने 1996 के बाद से इस मैदान पर कुल 16 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से 14 में उसकी जीत हुई है।
खास बात यह है कि इस दौरान एक मैच ड्रा रहा है जबकि एक मैच में उसे हार मिली है। सबसे अहम बात यह है कि सिडनी में इंग्लैंड ने ही आस्ट्रेलिया को एकमात्र बार पराजित किया है। 2002 में इंग्लैंड ने उसे 225 रनों से हराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।