गांगुली ही नहीं, दो और पूर्व कप्तानों और कई दिग्गज खिलाड़ियों की बोली न लगना पहले दिन की नीलामी के प्रमुख आकर्षणों में रहा। निश्चित तौर पर इन खिलाड़ियों के प्रशंसकों को इससे बहुत निराशा हुई।
बेंगलुरू में दो दिनों तक चलने वाली नीलामी प्रक्रिया के पहले दिन गांगुली की किसी भी फ्रेंचाइजी टीम ने बोली नहीं लगाई। केकेआर के कप्तान रह चुके गांगुली ने अपना बेस प्राइज 200,000 डॉलर से बढ़ाकर 400,000 डॉलर कर दिया था। इसके बावजूद उम्मीद की जा रही थी कि गांगुली किसी न किसी फ्रेंचाइजी से जुड़ने में कामयाब रहेंगे।
गांगुली ने आईपीएल के पहले संस्करण में 13 मैचों में 349 रन बनाए थे। इसमें तीन अर्धशतक भी शामिल थे। इस संस्करण में उन्होंने छह विकेट भी चटकाए थे। इसके बाद के संस्करण में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। उन्हें दूसरे संस्करण में केकेआर की टीम ने कप्तानी से हटा दिया था। इसके बाद आईपीएल के तीसरे संस्करण में कोच जॉन बुकानन के जाने के बाद केकेआर के नए कोच डेव व्हॉटमोर ने उन्हें कप्तान बनाने पर जोर दिया और गांगुली को फिर से टीम की कमान सौंपी गई थी।
वर्ष 2010 के संस्करण में हालांकि उनका प्रदर्शन इतना भी खराब नहीं था, जिस तरीके से उन्हें नजरअंदाज किया गया। दादा ने 2010 में 14 मैचों में चार अर्धशतक लगाते हुए 493 रन बनाए थे।
वेस्टइंडीज के दो पूर्व कप्तानों ब्रायन लारा और क्रिस गेल को खरीदने में भी किसी टीम ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। केकेआर की तरफ से गांगुली की कप्तानी में खेल चुके गेल भी शनिवार को हुई नीलामी के पहले चरण में किसी भी फ्रेंचाइजी को आकर्षित करने में नाकाम रहे।
गेल ने 2009-10 में केकेआर की ओर से खेले नौ मैचों में 158.69 की स्ट्राइक रेट से 292 रन बनाए थे जिसमें 88 रन उनका सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर रहा था। इस दौरान उन्होंने दो अर्धशतक भी लगाए थे।
तीन वर्ष पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके लारा ने आईपीएल चार के जरिए क्रिकेट में वापसी की कोशिश की थी लेकिन उनकी उम्मीदों को उस समय करारा झटका लगा जब उन्हें नीलामी में किसी भी फ्रेंचाइजी मालिकों ने उनके नाम पर बोली नहीं लगाई। लारा का बेस प्राइज 400,000 डॉलर था।
दक्षिण अफ्रीका के विस्फोटक बल्लेबाज हर्शल गिब्स की भी किसी ने बोली नहीं लगाई। गिब्स पिछले वर्ष हैदराबाद डेक्कन चार्जर्स की ओर से खेले थे। पिछले सत्र में केकेआर के लिए खेलने वाले मुरली कार्तिक को भी कोई खरीददार नहीं मिला। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज अजंथा मेंडिस के साथ भी यही हुआ।
यही नहीं हाल ही सम्पन्न हुई एशेज श्रृंखला में इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन, ल्यूक राइट और मैट प्रायर भी किसी टीम मालिक को आकर्षित नहीं कर सके।
जिन खिलाड़ियों की बोली नहीं लग सकी उनमें गांगुली, लारा और गेल के अलावा मुरली कार्तिक, बांग्लादेश के तमीम इकबाल, श्रीलंका के चामरा कापूगेदारा, अजंथा मेंडिस और दिलहारा फर्नान्डो, इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान, तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन, ल्यूक राइट और मैट प्रायर, दक्षिण अफ्रीका के मार्क बाउचर और हर्शल गिब्स, न्यूजीलैंड के जेसी राइडर और आस्ट्रेलिया के ग्रीम मनाउ का नाम शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।