जोहांसबर्ग एकदिवसीय : बराबरी के इरादे से उतरेगा भारत
भारत को किंग्समीड मैदान पर बुधवार को खेले गए दिन-रात के पहले एकदिवसीय मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने 135 रनों से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बनाई थी।
भारतीय टीम की ओर से पहले मुकाबले में गेंदबाजों और बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। तेज और उछाल वाली पिचों पर भारतीय बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी। विराट कोहली को छोड़कर किसी भी बल्लेबाज ने विकेट पर टिकने की साहस नहीं दिखाई। कोहली ने शानदार अर्धशतक (54) लगाए थे।
पहले मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने खूब रन लुटाए थे जिसकी बदौलत दक्षिण अफ्रीकी टीम बड़ा स्कोर बनाने में सफल रही।
भारत ने जोहांसबर्ग के वांडर्स मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के साथ अब तक तीन एकदिवसीय मुकाबले खेले हैं जिसमें भारत को दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है जबकि एक मैच रद्द हुआ है।
भारत को 1992 में खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने छह विकेट से हराया था जबकि 2001 में खेले गए मुकाबले में मेजबान टीम ने मेहमान टीम को इतने ही विकेट से मात दी थी।
इस लिहाज से देखा जाए तो इस मैदान पर दक्षिण अफ्रीका का पलड़ा भारी है। भारत ने हाल में संपन्न तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला के दूसरे टेस्ट मैच में दक्षिण अफ्रीका को किंग्समीड मैदान पर 87 रनों से हराया था और इसके बाद खेले गए अंतिम और निर्णायक टेस्ट मैच को वह ड्रा कराने में सफल रहा था।
इस प्रकार दक्षिण अफ्रीका में भारत ने पहली बार टेस्ट श्रृंखला ड्रा कराने में सफलता हासिल की थी। जबकि डरबन के मोसेस माहिदा स्टेडियम में खेले गए एकमात्र ट्वेंटी-20 मैच में भारतीय टीम ने मेजबानों को 21 रनों से शिकस्त दी थी।
भारतीय टीम की उम्मीदें एक बार फिर सचिन तेंदुलकर से होगी। तेंदुलकर इस समय शानदार फॉर्म में हैं। इस मैदान पर तेंदुलकर ने अब तक चार मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 55.75 की औसत से 223 रन बनाए हैं। तेंदुलकर का सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर 101 रन रहा है।
आशीष नेहरा ने तीन मैचों में 17.57 की औसत से सात विकेट चटकाए हैं। नेहरा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 35 रन खर्च कर चार विकेट का रहा है।
भारतीय टीम के लिए विश्व कप की तैयारियों के लिए यह अंतिम मौका है। गौतम गम्भीर और वीरेंद्र सहवाग के चोटिल होने के कारण सलामी जोड़ी की जिम्मेदारी एक बार फिर तेंदुलकर और मुरली विजय के कंधों पर होगी।
मध्यक्रम की जिम्मेदारी सुरेश रैना, विराट कोहली और युवराज सिंह के कंधों पर होगी वहीं कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी एक बड़ी पारी खेलना चाहेंगे। खराब फॉर्म में चल रहे युवराज सिंह पर सबकी निगाहें होंगी।
तेज गेंदबाजी का दारोमदार जहीर खान, आशीष नेहरा और शांताकुमारन श्रीसंत के कंधों पर होगी वहीं स्पिन की जिम्मेदार हरभजन सिंह सम्भालेंगे।
दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका की ओर से कप्तान ग्रीम स्मिथ, अब्राहम डिविलियर्स और जेपी ड्यूमिनी के कंधों पर बल्लेबाजी का दारोमदार रहेगा वहीं मध्यक्रम में जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हाशिम अमला टीम को मजबूती प्रदान करेंगे।
तेज गेंदबाजी आक्रमण में डेल स्टेन और मोर्न मोर्कल की जोड़ी से स्मिथ को काफी उम्मीदें होंगी।
इसके अलावा वायने पार्नेल और लोनवाबो त्सोत्सोबे भी शानदार प्रदर्शन कर विश्व कप टीम में जगह पाने की अपनी दावेदारी पेश करने की कोशिश करेंगे। त्सोत्सोबे पहले मुकाबले में चार विकेट झटककर 'मैन ऑफ द मैच' रहे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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