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झारखण्ड में खिलाड़ियों के सामने सुविधाओं का टोटा

नित्यानंद शुक्ला

रांची, 29 जनवरी (आईएएनएस)। 34वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कर रहे झारखण्ड में खिलाड़ियों के सामने सुविधाओं का टोटा दिखाई दे रहा है। इन खेलों के आरम्भ होने में अब महज कुछ ही दिन रह गए हैं लेकिन खिलाड़ियों को सुविधाओं के अभाव की मार झेलनी पड़ रही है।

तैराकी खिलाड़ियों के लिए स्वीमिंग पुल का अभाव है तो शूटिंग में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के लिए गोलियों की व्यवस्था भी नही हो पाई है। हॉकी खिलाड़ियों को एस्ट्रो टर्फ तक नहीं मिल पाया है।

वर्ष 2003 में ही झारखण्ड को वर्ष 2007 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी सौंपी गई थी लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ही खेलों की तिथियों में परिवर्तन किया गया था।

राज्य में क्रिकेट और हॉकी का खेल काफी मशहूर है लेकिन दूसरे खेल यहां अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

कुछ दिनों पहले तक राज्य के तैराक एक फ्लैट के भीतर अभ्यास कर रहे थे। वे जमीन पर लेटकर हाथ और पांव मार रहे थे। राज्य के 40 सदस्यों की तैराकी टीम में से आधे से अधिक सदस्यों ने जीवन में कभी स्वीमिंग पुल नहीं देखा है। इन खिलाड़ियों ने अपने गावों में झील और तलाबों में ही तैराकी का गुर सीखे हैं और वे स्वीमिंग पुल से बिलकुल अनभिज्ञ हैं।

मीडिया में इस तरह की खबरें आने के बाद हालांकि खिलाड़ियों को स्वीमिंग पुल की सुविधा मुहैया कराई गई है।

तैराकी के अलावा शूटिंग की हालत भी खस्ताहाल है। शूटिंग करने वाले खिलाड़ी भी कमो बेस उसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है जस तरह की समस्या तैराकी खिलाड़ियों के सामने है। राष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने के लिए 33 खिलाड़ियों का चयन किया गया है लेकिन वे बिना गोलियों और पर्याप्त बुनियादी सुविधाओं के ही अभ्यास कर रहे हैं।

एक खिलाड़ी ने आईएएनएस को बताया, "हम बिना गोलियों के ही अभ्यास कर रहे हैं। हम केवल अपनी आंख से ही निशाना लगा रहे हैं।"

झारखण्ड शूटिंग एसोसिएशन के सचिव शंभू ठाकुर ने बुनियादी सुविधाओं की कमियों को स्वीकार करते हुए कहा कि शूटिंग का स्तर राष्ट्रीय खेल के मानकों तक नहीं पहुंच पाया है।

ठाकुर ने कहा, "हम दूसरे राज्यों से प्रशिक्षकों को बुलाकर खिलाड़ियों को अभ्यास का मौका मुहैया करा रहे हैं।"

तैराकी और शूटिंग के अलावा हॉकी की स्थिति भी ज्यादा ठीक नहीं है। राष्ट्रीय खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाना अभी बाकी है। खिलाड़ियों के लिए अभ्यास शिविर एक फरवरी से शुरू किए जाएंगे लेकिन उनके अभ्यास की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Saturday, January 29, 2011, 11:00 [IST]
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