बीसीसीआई ने इस सम्बंध में आईसीसी को पत्र लिखा था। बीसीसीआई चाहती थी कि आईसीसी अपने फैसले पर पुनर्विचार करते हुए ईडन में तैयारी के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय दे। बीसीसीआई का हालांकि यह मानना था कि अंतिम फैसले का हक आईसीसी के पास है लेकिन उसे इस बात का यकीन है कि ईडन इस अहम मुकाबले की मेजबानी के लिए तैयार है। अब बीसीसीआई को 31 जनवरी तक नए आयोजन स्थल के नाम की घोषणा करनी है।
बीसीसीआई ने आईसीसी के अध्यक्ष रह चुके बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया की अपील पर आईसीसी के सामने अपनी बात रखी थी। डालमिया ने कहा था कि ईडन को निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 10 दिनों का अतिरिक्त समय मिलना चाहिए क्योंकि मुम्बई के वानखेड़े स्टेडियम को आईसीसी ने 14 दिनों का अतिरिक्त समय मुहैया कराया है।
आईसीसी ने गुरुवार को ईडन से भारत-इंग्लैंड मैच की मेजबानी छीनने की घोषणा की थी। टूर्नामेंट निदेशक, केंद्रीय आयोजन समिति और आईसीसी के सदस्यों से बने निरीक्षण दल ने भारत में क्रिकेट का 'मक्का' कहे जाने वाले ईडन का मुआयना करने के बाद पाया था कि निर्माण कार्य समय रहते पूरा नहीं हो पाने के कारण स्टेडियम फिलहाल मैच की मेजबानी की स्थिति में नहीं है।
इस दल ने श्रीलंका के कोलम्बो, हम्बानटोटा और पालेकेले स्थित तीन मैदानों को आयोजन के अनुरूप करार दिया था। दल ने कहा था कि फाइनल मुकाबले का मेजबान वानखेड़े स्टेडियम और श्रीलंका के तीन स्टेडियम 14 दिनों के भीतर पूरी तरह तैयार हो जाएंगे लेकिन ईडन गार्डन्स की तैयारी समय पर पूरी नहीं हो सकती।
इं़डो-एशियन न्यूज सर्विस।