फार्मूला वन : साउबर टीम की सीईओ हैं भारतीय मूल की महिला
किसी भारतीय मूल की महिला के एफ-1 टीम का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनना भारतीय महिलाओं की तरक्की के लिहाज से एक बड़ी घटना है। मोनिशा का जन्म 1971 में देहरादून में हुआ था।
वियना विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने वाली मोनिशा ने आस्ट्रिया के जेन्स कालटेनबोर्न के साथ शादी करने के बाद स्विट्जरलैंड के कुस्नाच को अपने गृहनगर के रूप में स्वीकार कर लिया। जेन्स और मोनिशा इसी शहर में अपने सात वर्ष के बेटे और पांच वर्ष की बेटी के साथ रहते हैं।
वर्ष 1994 से कई अंतर्राष्ट्रीय कम्पनियों में काम करने के बाद मोनिशा वर्ष 2000 में साउबर ग्रुप के साथ जुड़ीं। उन्हें कानूनी विभाग का प्रमुख नियुक्त किया गया। 2001 में कम्पनी ने उन्हें अपने प्रबंधक बोर्ड में शामिल कर लिया।
इसके बाद जनवरी 2010 में मोनिशा को साउबर मोटरस्पोर्ट्स एजी नामक सहयोगी कम्पनी का सीईओ नियुक्त किया गया। यही कम्पनी साउबर टीम को नियंत्रित करती है। योग, टेनिस और ओपरा पसंद करने वाली मोनिशा ने भारत में रहते समय एक अंतरिक्षयात्री बनने का सपना पाला था।
मोनिशा ने यह कभी नहीं सोचा था कि आसमान की ऊंचाइयों को छूने का सपना देखते-देखते वह एक दिन जमीन पर चलने वाली सबसे तेज कारों की रेस में हिस्सा लेने वाली एक कम्पनी की प्रमुख बन जाएंगी।
वेबसाइट 'यूरो स्पोर्ट डॉट को डॉट यूके' ने मोनिशा के हवाले से लिखा है कि उन्होंने कभी भी एफ-1 में आने के बारे में नहीं सोचा था। यह हालात की जीत है कि वह आसमान की ऊंचाइयों को छूने का सपना पाले हुए यहां तक पहुंच गईं।
मोनिशा इन दिनों स्पेन में हैं। स्पेन के शहर वेलेंसिया में इन दिनों एफ-1 के नए सत्र के लिए परीक्षण चल रहा है और मोनिशा पर अपनी टीम का सम्पूर्ण कार्यभार है। कारों के बारे में तकनीकी रूप से दक्ष नहीं होने के बावजूद मोनिशा ने जिस अंदाज में अब तक टीम का नेतृत्व किया है, वह वाकई काबिलेतारीफ और भारत का मान बढ़ाने वाला है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications