भारत ने इस मुकाबले में आस्ट्रेलिया पर 38 रनों की रोमांचक जीत दर्ज की लेकिन पोंटिंग ने भारतीय टीम के इस प्रदर्शन को पिच से मिली मदद का तोहफा करार दिया। पोंटिंग ने कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच स्पिनरों की जरूरत से ज्यादा मदद कर रही थी।
मैच के बाद पोंटिंग ने कहा, "मैं विश्व कप के लिए इस तरह की पिच की उम्मीद नहीं कर रहा था। उम्मीद है कि दिन बीतने के साथ हमारा सामना बेहतर पिचों से होगा लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो हमें ऐसा माहौल में जीतने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे।"
इससे एक दिन पहले दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम के कप्तान ग्रीम स्मिथ ने चेन्नई के चेपक स्टेडियम की पिच की आलोचना की थी। स्मिथ ने कहा था कि चेन्नई की पिच 'अपूर्ण, धीमी और लगभग निर्जीव' है। ऐसी पिचों पर विश्व कप के मैच नहीं खेले जा सकते।
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका और आस्ट्रेलिया जैसी टीमें यह जानते हुए भी कि भारतीय उपमहाद्वीप में उनका सामना स्पिनों को मदद पहुंचाने वाली पिचों से होगा, अपने साथ बड़ी संख्या में तेज गेंदबाज लेकर आई हैं।
इन टीमों की मुख्य ताकत तेज गेंदबाजों में छिपी है लेकिन अपने गेंदबाजों को अभ्यास मैचों में नाकाम होता देख इनकी रणनीति मात खाती दिख रही है। ऐसे में इन टीमों के कप्तानों द्वारा पिचों की आलोचना का दौर जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।