ढाका, 20 फरवरी (आईएएनएस)। क्रिकेट विश्व कप-2011 के पहले ही मैच में बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में 175 रनों की विस्फोटक पारी खेलने वाले टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर खुशी जताई है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उन्होंने दोहरे शतक के बारे में कभी नहीं सोचा था।
बांग्लादेश के खिलाफ टीम को जीत दिलाने में मुख्य भूमिका निभाने वाले सहवाग ने कहा क्रिकेट विश्व कप में कपिल देव के 175 रन की बराबरी कर वह काफी खुश हैं।
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने वर्ष 1983 में क्रिकेट विश्व कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ विपरीत परिस्थतियों में 175 रन की पारी खेली थी। कपिल जब मैदान पर उतरे थे तब टीम के पांच खिलाड़ी महज 17 रनों पर पेवेलियन लौट गए थे।
कपिल के बाद भारतीय टीम के एक और आक्रामक खिलाड़ी तथा पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी वर्ष 1999 विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ टांटन में 183 रनों की शानदार पारी खेली थी।
सहवाग ने कहा, "मैं विश्व कप में कपिल देव द्वारा खेली गई पारी की बराबरी कर खुश हूं। लोग उनके साथ अब मेरा भी जिक्र करेंगे।"
मैदान पर लगभग 200 मिनट बिताने के सवाल पर सहवाग ने कहा, "मेरा स्ट्राइक रेट 100 से ऊपर था। मैंने 30 से 40 ओवरों तक बल्लेबाजी करने की योजना बनाई थी। बाद में 50 ओवर तक खेलने के बारे में सोच रहा था लेकिन सफल नहीं हो पाया।"
गौरतलब है कि सहवाग 48वें ओवर में आउट हो गए थे। उन्होंने कहा कि दोहरे शतक का ख्याल उनके दिमाग में कभी नहीं आया था।
सहवाग ने कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं। मैंने दोहरे शतक के बारे में कभी नहीं सोचा था। मेरा लक्ष्य केवल 50 ओवर तक खेलना था।"
सचिन तेंदुलकर के दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट होने के सवाल पर सहवाग ने कहा कि हमने आसान सिंगल लेने की योजना बनाई थी।
सहवाग ने कहा, "सचिन मुझे कॉल कर रहे थे लेकिन मैं सुन नहीं पाया, लेकिन जब मैं खेलने के बाद पेवेलियन लौटा तो सचिन ने कहा, 'सबसे महत्वपूर्ण बात देश की जीत के लिए खेलना है। यह मायने नहीं रखता कि कौन अच्छा प्रदर्शन कर रहा है'।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।