टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 332 रन बनाए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी कनाडा की टीम 36.5 ओवर में 122 रन ही बना सकी।
मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिलने के बाद जयवर्धने ने कहा, "विश्व कप का पहला मैच काफी महत्वपूर्ण होता है। यह मैच जीतना हमारे लिए एक अच्छी शुरुआत है। मैं अपने इस प्रदर्शन को आगे भी दोहराने की कोशिश करूंगा।"
मैच हारने पर कनाडा टीम के कप्तान अशीष बगाई ने कहा, "श्रीलंका के स्कोर का पीछा करना एक कठिन लक्ष्य था। हमारे शुरुआती बल्लेबाजों ने बेहतर खेल का प्रदर्शन नहीं किया। हमारे गेंदबाजों ने अच्छी गेंदें फेंकी। अब हम अगले मैच पर ध्यान लगाएंगे।"
श्रीलंका टीम के कप्तान कुमार संगकारा ने कहा, "हमारे बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की जिसके चलते स्कोर तीन सौ के ऊपर पहुंचा। खासकर माहेला ने अच्छे खेल का प्रदर्शन किया। गेंदबाजों का प्रदर्शन भी बेहतर रहा। टीम का अगला मैच पाकिस्तान के साथ है।"
श्रीलंका की ओर से माहेला जयवर्धने ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 81 गेदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाए। इसके बाद कुमार संगकारा ने टीम के लिए उपयोगी पारी खेलते हुए 87 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 92 रन बनाए। तिलकरत्ने दिलशान ने 59 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 50 रन की पारी खेली।
कनाडा की ओर से रिजवान चीमा 37 और अशीष बगाई 22 रनों का योगदान दिया। हरवीर बैदवान 16 रन बनाकर नाबाद रहे। इसके अलावा कोई बल्लेबाज विकेट पर टिक नहीं सका।
कनाडा का पहला विकेट दूसरे ही ओवर में जॉन डेविसन के रूप में गिरा। वह बिना खाता खोले पेवेलियन लौट गए। इसके बाद रुविन्दु गुणासेकरा एक रन बनाकर कुलसेकरा की गेंद पर दिलशान को कैच थमा बैठे। उस समय टीम का कुल योग आठ रन था।
कनाडा का तीसरा विकेट चौथे ओवर में जुबिन सरकारी के रूप में गिरा। वह छह रन बनाकर पेवेलियन लौटे। इसके बाद जिम्मी हंसरा 18वें ओवर में नौ रन बनाकर समरवीरा की गेंद पर संगकारा द्वारा स्टंप आउट हो गए। पांचवा विकेट 53 के कुल योग पर अशीष बगाई का गिरा। बगाई ने 22 रनों का योगदान दिया। वह थिसिरा परेरा की गेंद पर संगकारा द्वारा स्टंप आउट हुए। टायसन गोर्डन चार रन बनाकर पेवेलियन लौट गए।
इसके बाद खुर्रम चौहान चार रन बनाकर चलते बने। रिजवान चीमा 32 ओवर में मुरलीधरन की गेंद पर जयवर्धने को कैच थमा बैठे। उस समय टीम का कुल योग 103 रन था। नौवा विकेट बालाजी राव के रूप में गिरा। उन्होंने छह रन बनाए। आखिरी विकेट हेनरी ओसिन्दे के रूप में गिरा। उन्होंने चार रन बनाए।
श्रीलंका की ओर से थिसारा परेरा और नुवान कुलासेकरा ने तीन-तीन विकेट हासिल किए जबकि मुरलीधरन को दो विकेट मिला। अजंथा मेंडिस और समरवीरा को एक-एक विकेट हासिल हुए।
इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 332 रन बनाए।
श्रीलंका की ओर से माहेला जयवर्धने ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 81 गेदों में नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 100 रन बनाए। इसके बाद कुमार संगकारा ने टीम के लिए उपयोगी पारी खेलते हुए 87 गेंदों में सात चौकों और एक छक्के की मदद से 92 रन बनाए।
तिलकरत्ने दिलशान ने 59 गेंदों में आठ चौकों की मदद से 50 रन की पारी खेली। इनके अलावा श्रीलंकी की ओर से कोई अन्य बल्लेबाज टीम के लिए ज्यादा योगदान नहीं कर सका। उपुल थरंगा ने 19 रन, थिसारा परेरा ने 11 और चमारा कापूगडेरा ने दो रन, एंजेलो मैथ्यूज ने 21 बनाए।
श्रीलंका की शुरुआत अच्छी रही। श्रीलंका की ओर से पारी की शुरुआत थरंगा और दिलशान ने की। थरंगा 31 गेंदों पर एक चौके की मदद से 19 रन बनाकर रन आउट हो गए। थरंगा का विकेट 63 रन के योग पर गिरा।
दिलशान ने 59 गेंदों पर आठ चौके लगाए। रिजवान चीमा ने दिलशान को जॉन डेविसन के हाथों कैच करवाया। संगकारा के साथ मिलकर दिलशान ने दूसरे विकेट के लिए 25 रन जोड़े। दिलशान का विकेट 88 के योग पर गिरा।
श्रीलंका को पहला झटका थरंगा के रूप में 12वें ओवर में लगा जबकि दूसरा विकेट 20वें ओवर में दिलशान के रूप में गंवाना पड़ा।
श्रीलंका का तीसरा विकेट 42वें ओवर में संगकारा का गिरा। संगकारा डेविसन की गेंद पर उन्हीं के द्वारा लपके गए। 46वें ओवर में चौथा विकेट परेरा का गिरा। वह रन आउट हुए। जबकि पांचवा विकेट 47वें ओवर में कापूगडेरा का गिरा। वह हरवीर बैदवान की गेंद पर नीतीश कुमार को कैच थमा बैठे।
कनाडा की ओर से हरवीर बैदवान और जॉन डेविसन को दो-दो विकेट मिले जबकि रिजवान चीमा को एक विकेट हासिल हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।