दो विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए डोशेट की साहसिक पारी की बदौलत नीदरलैंड्स टीम ने टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट खोकर 292 रन बनाए। डोशेट ने 110 गेंदों की अपनी पारी में नौ चौके और तीन छक्के लगाए।
इसके अलावा टॉम कूपर ने 73 गेंदों पर तीन की मदद से 47 रनों का योगदान दिया। टॉम डी ग्रूथ ने 31 गेंदों पर तीन चौकों की सहायता से 28 रन बनाए जबकि वेस्ले बारेसी ने 25 गेंदों पर छह झन्नाटेदार चौकों की सहायता से 29 रन जोड़े। अंतिम समय में कप्तान पीटर बोरेन ने 35 रनों की नाबाद पारी खेली। बोरेन ने 24 गेंदों पर चार चौके जड़े।
किसी ने उम्मीद भी नहीं की होगी कि नीदरलैंड्स जैसी कमजोर आंकी जाने वाली टीम हाल ही में एशेज में आस्ट्रेलिया को पटखनी देने वाले शक्तिशाली इंग्लैंड को इतना बड़ा लक्ष्य देने में सफल होगी। यह सब सम्भव हुआ अपने करियर का चौथा और विश्व कप में पहला शतक लगाने वाले डोशेट की बदौलत।
डोशेट ने नीदरलैंड्स की ओर से विश्व कप में तीसरा शतक लगाया। इससे पहले फेल्को क्लोपेनबर्ग (121) और क्लास वान नूरविक (134) 2003 विश्व कप के दौरान नामीबिया के खिलाफ शानदार शतक लगा चुके हैं।
नीदरलैंड्स के सलामी बल्लेबाज एलेक्सेई कर्वेजी16 रन बनाकर टिम ब्रेस्नन की गेंद पर मैट प्रायर के हाथों लपके गए जबकि बारेसी को ग्रीम स्वान ने प्रायर के हाथों स्टम्प कराया।
दोनों ने पहले विकेट के लिए 36 रन जोड़े। कार्वेजी पहले विदा हुए जबकि बारेसी का विकेट 58 रन के कुल योग पर गिरा। कूपर ने 73 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 47 रन बनाए। कूपर ने डोशेट के साथ तीसरे विकेट के लिए 78 रन जोड़े।
डोशेट ने बोरेन के साथ छठे विकेट के लिए 61 रन जोड़ने से पहले ग्रूथ के साथ पांचवें विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की। बोरेन और नाबाद लौटने वाले मुदस्सर बुखारी ने सातवें विकेट के लिए 1.5 ओवरों में नाबाद 18 रन जोड़े।
इंग्लैंड की ओर से ग्रीम स्वान और स्टुअर्ट ब्रॉड ने दो-दो विकेट लिए जबकि पॉल कोलिंगवुड और टिम ब्रेस्नन को एक-एक सफलता मिली। इंग्लैंड के प्रमुख गेंदबाज जेम्स एंडरसन ने 10 ओवरों में 72 रन दिए जबकि ब्रेस्नन के 10 ओवरों में नीदरलैंड्स के बल्लेबाजों ने 65 रन जुटाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।