मुरली ने आईसीसी क्रिकेट विश्व कप-2011 के अंतर्गत शनिवार को अपने दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ एक विकेट लेकर पाकिस्तान के वसीम अकरम को पीछे छोड़ा। मुरली अब तक 56 विकेट ले चुके हैं।
मुरली ने कनाडा के खिलाफ दो विकेट लेकर अकरम (55 विकेट) की बराबरी की थी। इस तरह मुरली सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। इस सूची में सबसे ऊपर आस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्ग्राथ हैं, जिनके नाम 71 विकेट हैं।
मुरली ने अब तक खेले गए 33 विश्व कप मैचों में 19.93 के औसत से कुल 56 विकेट लिए हैं। अकरम ने 38 मैचों में 23.83 के औसत से 55 विकेट चटकाए हैं।
अब मुरली का लक्ष्य विश्व कप का सबसे सफल गेंदबाज बनने का है, जिसके लिए उन्हें मैक्ग्राथ के रिकार्ड को पीछे छोड़ना होगा। मुरलीधरन के अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए उनके और मैक्ग्राथ के बीच का 16 विकेटों का यह फासला नामुमकिन नहीं लगता, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि बाकी के श्रीलंकाई गेंदबाज उनका भरपूर साथ दें।
साथ ही साथ इसके लिए टीम को कम से कम सेमीफाइनल तक जरूर पहुंचना होगा। श्रीलंका को खिताब का दावेदार माना जा रहा है और इस कारण उसका कम से कम सेमीफाइनल में पहुंचना संभव हो सकता है।
मुरलीधरन को छोड़कर मौजूदा समय में सक्रिय और कोई गेंदबाज अकरम और मैक्ग्राथ के रिकार्ड के निकट नहीं है। इस सूची में मुरलीधरन के बाद सर्वाधिक विश्व कप विकेट लेने वाले सक्रिय गेंदबाज आस्ट्रेलिया के शान टेट हैं, जिनके नाम 28 विकेट हैं।
सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में मुरली के बाद उनके लम्बे समय के साथी चमिंडा वास (49) हैं लेकिन वास को विश्व कप के लिए श्रीलंकाई टीम में जगह नहीं मिली है। इसके बाद भारत के जवागल श्रीनाथ (44) और दक्षिण अफ्रीका के एलन डोनाल्ड (38) के नाम हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।