T20 WC से भारत के बाहर होने के बाद हरभजन ने चयनकर्ताओं को लताड़ा, कहा- अब भी नहीं मानेंगे गलती
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने टी20 विश्वकप से विराट सेना के बाहर हो जाने के बाद चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाये हैं और एक बार फिर से चयनकर्ताओं को लताड़ा है। हरभजन सिंह ने टी20 विश्वकप के लिये टीम में चुने गये स्पिनर्स पर सवाल खड़े करते हुए कहा उनके चुने जाने को लेकर सवाल उठाया और कहा कि वो अभी भी नहीं मानेंगे कि उनसे स्पिनर्स को चुनने में बड़ी गलती हुई है। उल्लेखनीय है कि पहले मैच में पाकिस्तान के खिलाफ 10 विकेट से हार का सामना करने के बाद विराट सेना के लिये न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया दूसरा मैच वर्चुअल नॉकआउट बन गया था, जिसमें जीत हासिल करना उसके लिये जरूरी था।
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हालांकि भारतीय टीम जीत हासिल करने में नाकाम रही और लगभग टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी। इसके बाद भारतीय टीम के लिये सेमीफाइनल में पहुंचने की राह अफगानिस्तान की न्यूजीलैंड पर जीत से होकर गुजर रही थी, लेकिन कीवी टीम ने 8 विकेट से जीत हासिल कर यह उम्मीद भी खत्म कर दी। भारत के बाहर होने के बाद स्टार स्पोर्टस पर बात करते हुए हरभजन सिंह ने टीम में युजवेंद्र चहल के शामिल न होने पर सवाल खड़े किये हैं।
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चयनकर्ताओं का फैसला समझ से परे
हरभजन ने इस पर बात करते हुए कहा कि उन्हें अभी तक यकीन नहीं हो रहा कि विश्वकप की टीम में मैनेजमेंट को युजवेंद्र चहल की जगह नहीं बनती नजर आयी। हरभजन ने आगे बात करते हुए कहा कि वो इस बात को ही मान नहीं सकते कि मौजूदा समय में भारत के लिये ऐसे टूर्नामेंट में युजवेंद्र चहल के मुकाबले में राहुल चाहर बेहतर लेग स्पिनर हैं।
उन्होंने कहा,' जब उन्होंने राहुल चाहर को युजवेंद्र चहल के ऊपर टी20 विश्वकप में शामिल किया तो उन्होंने इसके पीछा कारण दिया कि वो चहल के मुकाबले ज्यादा तेजी से गेंद फेंकते हैं। इस बयान के कुछ समय बाद ही युजवेंद्र चहल ने आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया और एक सीजन में 15-16 विकेट हासिल कर लिये (15 मैचों में 18 विकेट), वहीं पर राहुल चाहर को विश्वकप के पहले 4 मैचों में से एक में भी मौका नहीं मिला जबकि आखिरी मैच में वो न तो विकेट हासिल कर सके और न ही किफायती साबित हुए।'

समझ नहीं आया मैनेजमेंट का फैसला
हरभजन सिंह ने इस दौरान टीम मैनेजमेंट के उस फैसले पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने वरुण चक्रवर्ती के बाद रविचंद्रन अश्विन को प्लेइंग 11 में खेलने का मौका दिया, जिन्होंने 2017 के बाद अफगानिस्तान के खिलाफ अपना पहला टी20 मैच खेला। हरभजन ने अश्विन-जडेजा की जोड़ी को दोबारा बैक करने को लेकर सवाल उठाया जिन्हें 2017 के चैम्पियन्स ट्रॉफी फाइनल के बाद सीमित ओवर्स प्रारूप से लगभग बाहर कर दिया गया था और स्पिन ट्विन के रूप में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को खिलाया जो कि काफी समय तक मैच विनर रहे लेकिन अब वो आपके कैंपेन का हिस्सा ही नहीं है।
उन्होंने आगे बात करते हुए कहा,'जब आपने चाहर का टीम में चयन किया तो उन्हें टीम में पहले खेलने का मौका क्यों नहीं मिला। अश्विन को पहले 2 मुकाबलों के बाद आप राहुल चाहर से पहले मौका देते हैं, मुझे यह पूरी सोच ही समझ नहीं आयी है। जब अश्विन को 2017 में ड्रॉफी किया गया तो आपने कहा कि हमें कलाई के स्पिनर्स की जरूरत है, आप चहल और कुलदीप यादव को लेकर आते हैं जिन्होंने आपके लिये कई सारे मैच भी जीते और अब 4 साल बाद विश्वकप में दोनों गायब हैं और फिर से आपके लिये फिंगर स्पिनर्स के रूप में अश्विन जडेजा की जोड़ी खेल रही है। मुझे यह बिल्कुल समझ नहीं आ रहा है।'

चहल से बेहतर गेंदबाज नहीं है चाहर
हरभजन सिंह ने आगे बात करते हुए कहा कि सच कहूं तो मैं यह मानने को तैयार नहीं हूं कि राहुल चाहर मौजूदा समय में युजवेंद्र चहल से बेहतर गेंदबाज हैं। चहल बहुत ही खतरनाक गेंदबाज हैं और भारत के लिये जितने मैच वो जीत चुके हैं वह इस बात का पुख्ता सबूत भी है।
आपको बता दें कि नामिबिया के खिलाफ खेले गये मैच में राहुल चाहर को अपना पहला टी20 विश्वकप मैच खेलने का मौका मिला, जहां पर राहुल चाहर अपना प्रभाव छोड़ पाने में नाकाम रहे। राहुल चाहर ने अपने 4 ओवर के स्पेल में 30 रन देकर कोई भी सफलता हासिल नहीं की।
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