बीबीसी संवाददाता, ग्वांगजो से
खेलों के पहले दिन मिलने वाले दोनों पदक निशानेबाज़ी से आए. भारत को एशियाई खेलों के पहले दिन निशानेबाज़ी को छोड़कर आम तौर पर निराशा ही हाथ लगी है. राष्ट्रमंडल खेलों में पदकों की बरसात करने वाले भारतीय सितारे पहले दिन कुछ ख़ास नहीं कर सके और उन्हें कुल दो रजत पदक ही मिले वहीं दूसरी ओर चीन ने पहले ही दिन से पदक तालिका में शीर्ष स्थान पर क़ब्ज़ा कर लिया है.
भारत को निशानेबाज़ी में स्वर्ण पदक की उम्मीद थी क्योंकि गगन नारंग, अभिनव बिंद्रा और ओंकार सिंह जैसे नामी खिलाड़ी मुक़ाबले में थे. एक-एक करके जब भारतीय उम्मीदें टूट रहीं थीं तब किसी तरह भारत को रजत से ही संतोष करना पड़ा. सबसे पहले महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्पर्द्धा में भारत की सुमा शिरूर, कविता यादव और तेजस्विनी सावंत फ़ाइनल में जगह पहुँचाने से चूकीं और उनके स्कोर इतने अच्छे भी नहीं थे कि वे टीम मुक़ाबले में कोई पदक जीत पातीं.
उसके बाद हुई पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल स्पर्द्धा में भारत के ओंकार सिंह ही फ़ाइनल में पहुँचे मगर वे भी कोई पदक नहीं जीत सके. उनके साथी अमनप्रीत सिंह और दीपक शर्मा का प्रदर्शन काफ़ी औसत था. पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफ़ल स्पर्द्धा में अभिनव बिंद्रा, गगन नारंग और संजीव राजपूत मुक़ाबले में थे.
अभिनव काफ़ी देर तक क्वालिफ़ाइंग दौर में दूसरे स्थान पर थे मगर उनके 42वें शॉट को स्कोरबोर्ड ने सात अंक दिए और उसके बाद अभिनव मुक़ाबले से जैसे बाहर ही हो गए.
स्वर्ण पदक से चूक गए अभिनव बिंद्रा
हालाँकि अभिनव का कहना था कि जब बारीक़ी से वो शॉट उनके कोच ने देखा तो वो सात नहीं बल्कि नौ अंको वाला शॉट था मगर वो पूरी तरह से आश्वस्त नहीं थे और इसीलिए उन्होंने विरोध नहीं दर्ज कराया.
अगर वो विरोध दर्ज कराते और वो ख़ारिज हो जाता तो उनके दो अंक काट लिए जाते. मुक़ाबले के बाद बीबीसी हिंदी से बात करते हुए बिंद्रा ने कहा, “इन हालात को देखते हुए मेरा प्रदर्शन काफ़ी अच्छा रहा. मैं काफ़ी देर तक अच्छे स्कोर पर था और तभी स्कोरबोर्ड पर सात अंक आए, उसके बाद आपको पता चल जाता है कि मुक़ाबले में अब आपके पास ज़्यादा कुछ बचा नहीं है."
मगर तीनों खिलाड़ियों के स्कोर ने भारत के लिए रजत पदक पक्का कर दिया. इसके बाद एकल मुक़ाबले में उतरे गगन नारंग का मुक़ाबला चीन के चू चिनान से था. चिनान ने 2002 के एथेंस ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता था जबकि बीजिंग में वो चूक गए थे और स्वर्ण बिंद्रा के हाथ लगा था. चिनान ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1.3 अंकों के अंतर से गगन नारंग को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पर क़ब्ज़ा किया.
अन्य मुक़ाबलों में बैडमिंटन में भारतीय पुरुषों की टीम चीनी ताइपे से 3-1 से हार गई, एकमात्र मैच जीता कश्यप पारुपल्ली ने. महिलाओं की टीम इंडोनेशिया से 2-3 से हारी जहाँ साइना नेहवाल ने एकल मुक़ाबला जीता और युगल में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की टीम ने जीत दर्ज की मगर बाक़ी तीनों मैच भारतीय खिलाड़ी हार गए.
बिलियर्ड्स में पंकज आडवाणी जीत गए मगर गीत सेठी के हाथों हार लगी. भारतीय महिला हॉकी टीम ने मलेशिया को आसानी से 4-0 से हरा दिया है. तैराकी में रेहान जहाँगीर पोंचा 200 मीटर बटरफ़्लाई में फ़ाइनल में नहीं पहुँच सके. टेबल टेनिस में पुरुषों और महिलाओं दोनों की टीमें हार गईं वहीं टेनिस में भी भारतीय महिला टीम हार गई जबकि पुरुषों की टीम ने क़तर को हराकर क्वार्टर फ़ाइनल में प्रवेश कर लिया.
पहले दिन पदक तालिका पर चीन का क़ब्ज़ा है और वो पदक तालिका में सबसे आगे है. दूसरे स्थान के लिए जापान और दक्षिण कोरिया के बीच कड़ी टक्कर बनी हुई है क्योंकि दोनों ही के चार स्वर्ण हैं मगर अधिक रजत के साथ जापान दूसरे स्थान पर टिका है.