आसिफ पर लग सकता है आजीवन प्रतिबंध
नईदिल्ली, 19 अगस्त: पाकिस्तान क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद आसिफ पर क्रिकेट खेलने को लेकर आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है। ''बी'' नमूना भी सकारात्मक पाये जाने के बाद से ऐसी संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। डोपिंग निरोधी विश्व संस्था (वाडा) के नियमों को मानें तो आसिफ पर आजीवन प्रतिबंध को रोकना अत्यंत मुश्किल होगा।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान प्रतिबंधित दवा के सेवन के दोषी पाए जाने यह घटना आसिफ के करियर की दूसरी घटना है। इससे पहले वो 2006 में भारत में आयोजित चैंपियंस ट्राफी के दौरान भी डोप परीक्षण में फेल हो गये थे।
वाडा के नियमों के तहत दो बार डोप परीक्षण में नाकाम होने वाले खिलाड़ी पर आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने का प्रावधान है। वाडा की आचार-संहिता के अनुच्छेद-10 की धारा 2.2 में साफ लिखा है कि अगर कोई खिलाड़ी पहली बार प्रतिबंधित दवा के सेवन का दोषी पाया जाता है तो उस पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगेगा, जबकि दूसरी बार दोषी पाए जाने की सूरत में सजा आजीवन प्रतिबंध में परिवर्तित हो जाएगी।
इसके अलावा इसी अनुच्छेद की धारा 2.6 में लिखा है कि मादक पदार्थ रखने वाले खिलाड़ियों पर भी बिल्कुल इसी तरह की सजा का प्रावधान है।
आसिफ पर गहराये इस संकट को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मामले की जांच श्तेज कर दी है। इससे आसिफ को थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि पीसीबी पर कई बार अपने खिलाड़ियों का साथ देने का आरोप लग चुका है।
गौरतलब है कि भारत में आयोजित ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के दौरान कराए गए डोप परीक्षण के नतीजों के आधार पर आईपीएल ने पिछले महीने आसिफ द्वारा प्रतिबंधित दवा के सेवन किए जाने का खुलासा किया था। इस घटना के बाद आसिफ ने अपने 'बी' नमूने के जांच की मांग की थी। आसिफ इस टूर्नामेंट में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के सदस्य थे।
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान प्रतिबंधित दवा के सेवन के दोषी पाए जाने यह घटना आसिफ के करियर की दूसरी घटना है। इससे पहले वो 2006 में भारत में आयोजित चैंपियंस ट्राफी के दौरान भी डोप परीक्षण में फेल हो गये थे।
वाडा के नियमों के तहत दो बार डोप परीक्षण में नाकाम होने वाले खिलाड़ी पर आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने का प्रावधान है। वाडा की आचार-संहिता के अनुच्छेद-10 की धारा 2.2 में साफ लिखा है कि अगर कोई खिलाड़ी पहली बार प्रतिबंधित दवा के सेवन का दोषी पाया जाता है तो उस पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगेगा, जबकि दूसरी बार दोषी पाए जाने की सूरत में सजा आजीवन प्रतिबंध में परिवर्तित हो जाएगी।
इसके अलावा इसी अनुच्छेद की धारा 2.6 में लिखा है कि मादक पदार्थ रखने वाले खिलाड़ियों पर भी बिल्कुल इसी तरह की सजा का प्रावधान है।
आसिफ पर गहराये इस संकट को देखते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने मामले की जांच श्तेज कर दी है। इससे आसिफ को थोड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि पीसीबी पर कई बार अपने खिलाड़ियों का साथ देने का आरोप लग चुका है।
गौरतलब है कि भारत में आयोजित ट्वेंटी-20 टूर्नामेंट के दौरान कराए गए डोप परीक्षण के नतीजों के आधार पर आईपीएल ने पिछले महीने आसिफ द्वारा प्रतिबंधित दवा के सेवन किए जाने का खुलासा किया था। इस घटना के बाद आसिफ ने अपने 'बी' नमूने के जांच की मांग की थी। आसिफ इस टूर्नामेंट में दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के सदस्य थे।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
