भारतीय एथलीट का खुलासा, रियो के दौरान जा सकती थी मेरी जान

नई दिल्ली। रियो ओलंपिक से हिस्सा लेकर लौटी भारतीय एथलीट ने बड़ा ही चौंकाने वाला खुलासा किया है।

एथलीट ओपी जाइशा ने बताया कि मैराथन के दौरान उन्हें तय जगह पर पानी नहीं मिला जिसकी वजह से उनके प्रदर्शन पर असर पड़ा और वह बेहोश भी हो गई।

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ओपी जाइशा का बड़ा खुलासा

ओपी जाइशा ने बताया कि उन्होंने करीब 43 किमी. की दौड़ लगाई लेकिन इस दौरान उन्हें आठ किलोमीटर पर पानी मिल रहा था। जबकि दूसरे देशों के एथलीट्स को हर ढाई किलोमीटर पर पानी की व्यवस्था की गई थी।

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जायशा ने खुलासा करते हुए कहा कि भारतीय टीम का कोई भी स्टाफ पानी मुहैया कराने के लिए मौजूद नहीं था। विपरीत हालात में बिना पानी के ही हमें दौड़ना पड़ा जिसकी वजह से मैं बेहोश हुई। करीब तीन घंटे बाद में हमें होश आया।

राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम करने वाली एथलीट जायशा ने कहा कि हमें कहीं भी अपना तिरंगा दिखाई नहीं दिया। जबकि तिरंगा दिखने से मन में जोश आता है और एक अंदरूनी ताकत मिलती है।

उन्होंने अपने खुलासे में कहा कि एक भी भारतीय अधिकारी रियो में मैराथन के दौरान रिफ्रेशमेंट प्वाइंट पर नजर नहीं आया। वहीं दूसरे देशों के अधिकारी अपने एथलीट को रिफ्रेशमेंट और पानी की व्यवस्था में जुटे हुए थे। उन्हें पानी के साथ-साथ ग्लूकोज, शहद और दूसरे जरूरी पदार्थ भी मुहैया कराए गए थे।

कोच और फेडरेशन पर उठाए सवाल

केरल की इस एथलीट ने बताया कि उनकी हालत इस कदर खराब हो गई कि मैराथन के दौरान वह बेहोश हो गई और होश में आने में उन्हें करीब 3 घंटे लगे। इसके बाद भी उनकी स्थिति बेहद खराब थी।

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जायशा ने बताया कि होश आने के बाद मुझे लगा जैसे मैं मौत के मुंह से बाहर आई हूं। भारत आने के बाद भी जब उनसे अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि नहीं वह दो से तीन महीने का आयुर्वेदिक इलाज और बॉडी मसाज कराएंगी। इसी से वह वापसी कर सकती हैं। दरअसल भारत लौटने पर भारतीय स्पोर्ट्स अथॉरिटी के डॉक्टरों ने उन्हें बुखार की शिकायत बताई थी।

उन्होंने कहा कि फेडरेशन और कोच का कर्तव्य है कि उनके रिफ्रेशमेंट के लिए खास व्यवस्था की जाए और इसके लिए स्टाफ रखा जाए। उन्होंने कोच निकोलाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हमें पूरी मैराथन पूरी करने के लिए दबाव बनाया था। ऐसा तब किया गया जबकि ट्रेनिंग के दौरान मैं घायल हो गई थी और मुझे आराम का भी समय नहीं दिया गया था।

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Story first published: Monday, August 22, 2016, 18:50 [IST]
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