30 साल बाद मांजरेकर का बड़ा खुलासा, ज्यॉफ्री बॉयकॉट की वजह से नहीं मिला था मैन ऑफ द मैच
Sanjay Manjrekar blames Geoffrey Boycott for not getting Man of the Match award in 1990 at the place of Anil Kumble: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और मशहूर कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर ने 30 साल पहले इंग्लैंड दौरे को लेकर बड़ा खुलासा किया है और बताया है कि इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी ज्यॉफ्री बॉयकॉट ने जानबूझ कर उन्हें मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड देने से इंकार किया था। भारत और इंग्लैंड के बीच 1990 में खेले गये इस मैच में जहां अनिल कुंबले ने 11 ओवर की गेंदबाजी कर सिर्फ 29 रन देकर 2 विकेट हासिल किये तो वहीं पर संजय मांजरेकर की ओर से बनाये गये अहम 82 रनों की पारी की बदौलत भारत ने 233 रन के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और मैच में 6 विकेट से जीत हासिल की।
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भारतीय टीम की इस जीत में कुंबले और मांजरेकर दोनों ने अहम भूमिका निभाई थी लेकिन मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड अनिल कुंबले को मिला। अब इस मैच के 30 साल बाद संजय मांजरेकर ने स्पोर्टसकीड़ा के साथ बात करते हुए इस का खुलासा किया है।

कॉमेंट्री पैनल तय करता है किसे मिले मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड
उन्होंने कहा,'मैन ऑफ द मैच को चुनने में कॉमेंट्री पैनल का काफी बड़ा हाथ होता है। जब मैं कॉमेंट्री नहीं कर रहा होता हूं और जब किसी हकदार खिलाड़ी को मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड नहींं मिलता है तो मुझे काफी चिढ़ होती है। मेरा मानना है कि जिस खिलाड़ी की वजह से टीम जीत की स्थिति में पहुंची है उसे जरूर मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिलना चाहिये।'

मांजरेकर ने सुनाया 30 साल पुराना किस्सा
मांजरेकर ने खुद के साथ 30 साल पहले हुए वाकये का जिक्र करते हुए कहा,' मेरे साथ यह चीज 1990 में हेडिंग्ले के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गये मैच में हुई थी। तब वनडे मैच में 55 ओवर्स की गेंदबाजी हुआ करती थी। इंग्लैंड की टीम ने पहले खेलते हुए 229 रनों का स्कोर खड़ा किया। अनिल कुंबले अपने पहले दौरे पर थे, उन्होंने 11 ओवर्स गेंदबाजी करते हुए 29 रन दिये और रॉबिन स्मिथ और डेविड गोवर का विकेट हासिल किया। वहीं जब हम रनों का पीछा कर रहे थे तो मैंने 82 रनों की पारी खेली और लगभग अंत तक खड़ा रहा। आखिर में हम मैच जीत गये। हम अक्सर देखते हैं कि ऐसी परिस्थिति में बल्लेबाजों को मान ऑफ द मैच का अवॉर्ड दिया जाता है, इसी वजह से मेरे दिमाग में भी था कि शायद मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड आज मेरे फेवर में जायेगा। लोग मुझे बधाई दे रहे थे और मैं भी काफी होपफुल था।'

बॉयकॉट ने मुंह पर बताया कि मुझे क्यों नहीं देंगे मैन ऑफ द मैच
मांजरेकर ने आगे बताया कि जहां लोग मुझे बधाइयां दे रहे थे तो वहीं पर कुछ ऐसा था जो किसी को नजर नहीं आया था। बॉयकॉट के दिमाग में पहले से कुंबले थे और पूर्व इंग्लिश कप्तान ने पूरी तरह से यह सुनिश्चित किया कि यह मैसेज मुझ तक पहुंच जाये कि उनके चाहने के वजह से ही मुझे मैन ऑफ द मैच नहीं मिल सका है।
उन्होंने कहा,' मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड ज्यॉफ्री ब्यॉक्ट को देना था। उन्होंने एक चीज काफी अच्छी की। वह ड्रेसिंग रूम में सीधा मेरे पास आये और कहा कि यंग मैन तुमने काफी अच्छा खेला। मुझे लगता है कि तुम्हारी पारी काफी जीत में काफी अहम थी। तुमने काफी अच्छा किया लेकिन जिस खिलाड़ी ने आज तुम्हारे लिये मैच जीता वो अनिल कुंबले थे, उन्होंने 11 ओवर में सिर्फ 29 रन दिये और इंग्लैंड को ज्यादा रन बनाने नहीं दिया। उन्होंने यह बात सीधा मेरे चेहरे पर कही।'
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