इनचियॉन। भारतीय मुक्क्बाज सरिता देवी ने एशियन गेम्स में कांस्य पदक लेने से मना कर दिया है। सरिता देवी ने यह फैसला सेमीफाइनल मैच में उनके साथ हुए भेदभाव के चलते लिया है। पदक वितरण समारोह में जब सरिता देवी की पदक लेने की बारी आयी तो वो भावुक होकर रो पड़ी और उन्होंने अपना मेडल पोडियम पर ही छोड़ दिया। गौरतलब है कि गलत फैसले के खिलाफ भारतीय दल ने शिकायत भी दर्ज करायी है।
विवादित मैच में सरिता को हराने वाली साउथ कोरियाई पार्क जीना फाइनल में चीनी बॉक्सर जुहुआ यिन से पराजित हो गयी थीं। सरिता देवी के खिलाफ पक्षपात के विरोध में भारतीय दल ने फैसले के पर फिर से विचार करने की अपील की है। 60 किग्रा वर्ग में सरिता इससे पहले एशियन गेम्स में चैंपियन रह चुकी हैं। सरिता के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद वहां मौजूद अंपायरों ने सरिता के खिलाफ फैसला दिया था। वहीं सरिता देवी ने आरोप लगाया कि सेमीफाईनल मुकाबले में उनका बाउट पहले से ही फिक्स था।
सरिता के खिलाफ गलत फैसले का भारतीय मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम ने भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरिता निर्विरोध रूप से विजेता थी। लेकिन पैसों के आगे वहां मौजूद जजों ने अपनी आंखें मूंद ली। उन्होंने कहा कि ऐसे जजों को तत्काल प्रभाव से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए।