नई दिल्ली। खेल भावनाओं से भरा हुआ है। अगर मैदान पर किसी खिलाड़ी के साथ कोई घटना घट जाती है तो उसे सहारा देने के लिए आसपास खड़े सभी खिलाड़ी एकत्र हो जाते हैं। क्रिकेट मैच के दाैरान ऐसा कई बार देखने को मिलता है, लेकिन रेस के दाैरान बहुत कम होता है जब कोई खिलाड़ी अपनी रेस पूरी करने की बजाए दूसरे खिलाड़ी को सहारा देने के लिए मैदान पर रूके। सोशल मीडिया पर आईएएएफ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप दाैरान का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक धावक ट्रैक पर गिरा लेकिन फिनिश लाइन पूरी कराने के लिए दूसरे धावक ने उसकी अंत तक कोशिश की।
आईएएएफ वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में गिनी-बिसाउ के धावक ब्रैमा सुंसर दाबो कोई मेडल नहीं जीत सके, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने लोगों का दिल जीत लिया। 5000 मीटर रेस के दौरान अरुबा के धावक जोनाथन बुस्बी थकान के कारण ट्रैक पर गिर गए थे। मेडिकल स्टॉफ ने उन्हें व्हीलचेयर पर भी बैठा दिया था। तभी दाबो ने बुस्बी को उठाया और सहारा देते हुए फिनिश लाइन पार कराई। सोशल मीडिया पर दाबो के इस व्यवहार की खूब प्रशंसा हो रही है।
Sport is about so much more than just your own performance.
— IAAF (@iaaforg) September 27, 2019
👏👏 to Braima Suncar Dabo🇬🇼 and Jonathan Busby🇦🇼 at the #WorldAthleticsChamps pic.twitter.com/pYVeROMMYP
रेस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग दाबो की तारीफ कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा कि खेल भावना के लिए दाबो को गोल्ड मेडल मिलना चाहिए। दाबो ने कहा, ''मेरी जगह अगर कोई भी एथलीट होता, तो वह भी यही करता। किसी दूसरे देश के खिलाड़ी की मदद करना सामान्य बात है। वे (बुस्बी) अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।''दाबो ने कहा कि रेस के दौरान ही मैं समझ गया था कि मैं खुदका रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाऊंगा। तब मैं फाइनल में क्वालिफाइ के लिए नहीं, बल्कि खुद के लिए दौड़ा। मैंने बुस्बी की मदद की और यही रेस मुख्य पॉइंट रहा।''