धोनी पर बाकी है झारखंड क्रिकेट बोर्ड के 1800 रुपये, जानें क्या है मामला
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी लगभग 14 महीने बाद क्रिकेट के मैदान पर वापसी करने को तैयार है। आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की कमान संभालने वाले एमएस धोनी इस समय यूएई में हैं लेकिन इस बीच एक विवाद ने उन्हें सुर्खियों में ला खड़ा किया है। दरअसल एक रिपोर्ट के अनुसार झारखंड राज्य क्रिकेट संघ का 1800 रुपये का शुल्क एमएस धोनी के ऊपर बकाया है। हालांकि यह खबर सामने आने के बाद धोनी के कुछ फैन्स और स्कूली छात्रों ने पैसे जमा कर एक ड्राफ्ट तैयार कराया और जेएसीए में जमा कराने पहुंचे तो राज्य क्रिकेट संघ ने इसे लेने से इंकार कर दिया।
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रिपोर्ट के अनुसार महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के ऊपर यह बकाया 1,800 रुपये की राशि राज्य क्रिकेट संघ का सदस्यता शुल्क है जो कि एक नये और बड़े विवाद को जन्म दे सकता है।
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धोनी ने नहीं चुकाया है 1800 रुपये
जेएससीए के सचिव संजय सहाय ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ड्राफ्ट को स्वीकार नहीं किया गया लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि धोनी ने अपना बकाया चुकाया है या नहीं। यहां तक कि उन्होंने दावा किया कि इस बारे में केवल उन्हें ही सच्चाई की जानकारी थी। हाल ही में प्रकाशित जेएससीए की वार्षिक रिपोर्ट 2019-20 में 1,800 रुपये बकाया होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में बकाया राशि का कोई अन्य विवरण नहीं दिया गया है, सिवाय इतना ही कहा गया है कि यह राशि रांची स्थित भारत के सबसे सफल कप्तानों में से प्राप्य थी।

इस चीज के बाकी है पैसे
बाद में, सहाय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि यह वास्तव में जीएसटी राशि थी जिसे धोनी को 10,000 रुपये के अपने जेएससीए जीवन सदस्यता शुल्क के रूप में देना होगा। पाठक ने कहा कि जब वह जमशेदपुर के कीनन स्टेडियम में जेएससीए के पंजीकृत मुख्यालय में चेक जमा करने गए तो इसे स्वीकार नहीं किया गया। पाठक को जेएससीए में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध करने के लिए जाना जाता है।

फैन्स ने इकट्ठा किये पर जेएसीए ने लेने से किया इंकार
उन्होंने कहा, ‘कुछ स्कूली बच्चों और धोनी के प्रशंसकों ने पैसे इकटठे किए और 1,800 रुपये का एक ड्राफ्ट बनाया। लेकिन जब मैं कुछ अन्य लोगों के साथ, इसे जमा करने के लिए जेएससीए कार्यालय गया, तो उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया, शायद किसी के निर्देश पर। उन्होंने हमें एक रसीद दी और सलाह दी कि हम इसे डाक से भेज सकते हैं।'
यह पूछे जाने पर कि क्या धोनी ने अपना बकाया जमा किया है? सहाय ने कहा, ‘मैं आपको ये नहीं बता सकता। यह बात केवल वही कहेंगे। यह मुद्दा हमारे (जेएससीए) और उस व्यक्ति के बीच है, जिसे बकाये का भुगतान करना है। जेएससीए की वार्षिक रिपोर्ट 31 मार्च 2020 तक है। कौन जानता है कि उन्होंने 31 मार्च के बाद अपना बकाया चुकाया है? केवल मैं ही जानता हूं, कोई और इसे नहीं जानता है। यह संघ का आंतरिक मामला है। इसलिए, इसे संघ पर ही छोड़ दें।'

बकाया राशि के लिये धोनी को दी गई है सूचना
झारखंड के क्रिकेट में कहा जा रहा है कि जेएससीए के प्रतिनिधि ने 31 अक्टूबर को अपनी एजीएम में उस स्थिति को स्वीकार करने के बाद 10,000 रुपये की सदस्यता शुल्क लेने के लिए रांची स्थित धोनी के घर गए थे। प्रतिनिधि ने धोनी के समर्थकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि 10,000 रुपये के जीवन सदस्यता शुल्क पर जीएसटी सहित 11,800 रुपये का चेक मांगा जा सकता है। सहाय ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए मैं इस पर कुछ नहीं कह पाऊंगा। लेकिन, हां, धोनी को सूचित किया गया है (उनके बकाया के बारे में)।'
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