ओलंपिक से वापस लौटीं तो पता चला नहीं रही बहन, घर की चौखट पर ही फूट-फूटकर रोने लगी खिलाड़ी
नई दिल्ली, 08 अगस्त। टोक्यो ओलंपिक्स का आज समापन हो रहा है। इससे पहले 7 अगस्त को ही भारतीय अभियान ओलंपिक में समाप्त हो गया था। जिसके बाद तमाम भारतीय खिलाड़ी वापस स्वदेश लौट रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी शुभा वेंकटेशन और धनलक्ष्मी शेखर जब टोक्यो से वापस तमिलनाडु के त्रिचि स्थित अपने घर पहुंची तो उनके ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया। त्रिचि में लोगों ने दोनों ही खिलाड़ियों का जबरदस्त स्वागत किया। लोगों के स्वागत से खुश धनलक्ष्मी ने शक्रिया अदा किया, लेकिन इस दौरान प्रशंसकों से बाद करते हुए वह भावुक हो गईं।
दरअसल धनलक्ष्मी लोगों से बात करते वक्त उस समय काफी उदास हो गईं और फूट-फूटकर रोने लगीं। धनलक्ष्मी को जब यह पता चला कि उनकी बहन की मृत्यु हो गई है तो वह खुद पर काबू नहीं रख सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। धनलक्ष्मी जब टोक्यो में थीं तो उनकी बहन की मृत्यु हो गई थी। लेकिन धनलक्ष्मी की मां ने यह फैसला लिया कि वह बेटी को इस बात की जानकारी नहीं देंगी, वह चाहती थीं कि धनलक्ष्मी का ध्यान पूरी तरह से खेल में रहे और वह बेहतर प्रदर्शन करें। धनलक्ष्मी को तमिलनाडु का काफी प्रतिभावान एथलेटिक्स माना जाता है और उनका परिवार इस बात को बेहतर समझता है कि कैसे ओलंपिक जैसे बड़े इवेंट में खिलाड़ी को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तनाव से दूर रहना चाहिए। यही वजह है कि परिवार ने धनलक्ष्मी को इस बात की जानकारी नहीं दी कि उनकी बहन का देहांत हो गया है।
लेकिन जब घर पहुंचने पर धनलक्ष्मी को इस बात की जानकारी मिली तो वह घुटनों के बल बैठकर फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह से धनलक्ष्मी को संभाला और सांत्वना दी। इससे पहले टोक्यो ओलंपिक के अपने अनुभव के बारे धनलक्ष्मी ने कहा कि वहां मुकाबला काफी कठिन था,लेकिन अगली बार मैं और कड़ी मेहनत करके जाऊंगी और देश के लिए मेडल जीतूंगी। बता दें कि धनलक्ष्मी को तमिलनाडु सरकार ने सरकारी नौकरी दी है जिसके बाद धनलक्ष्मी ने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का शुक्रिया अदा किया है।
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