सीताराम येचुरी की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति का कहना है कि ख़ासकर राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान आने वाले मेहमानों की ठहरने की व्यवस्था अपर्याप्त है.
संसद में रिपोर्ट पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' 2010 के राष्ट्रमंडल खेल नजदीक आ रहे हैं लेकिन अनेक परियोजनाएँ शुरू तक नहीं हुईं हैं.''
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति की स्थाई समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली सरकार ने नवंबर, 2008 तक 2010 में होनेवाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए मूलभूत ढाँचे को लेकर कोई प्रस्ताव पेश नहीं किया था.
सरकार को खेलों के दौरान विभिन्न ज़रूरतों को देखते हुए तत्काल आवश्यक क़दम उठाने चाहिए सीताराम येचुरी, संसदीय समिति के प्रमुख
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समिति ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के काम की गति पर भी संदेह व्यक्त किया है. साथ ही विभिन्न एजेंसियों में तालमेल की कमी की बात भी कही है.
उसका कहना है कि डीडीए ने जनवरी, 2006 तक 39 होटलों के लिए ज़मीन नीलाम की थी लेकिन हाल के अनुमान से पता चला है कि केवल 1924 अतिरिक्त कमरे ही खेलों तक उपलब्ध हो पाएँगे.
रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान 30 हज़ार कमरों की ज़रूरत होगी जबकि 14 हज़ार कमरे ही उपलब्ध हैं.
संसदीय समिति के प्रमुख सीताराम येचुरी का कहना था,'' सरकार को खेलों के दौरान विभिन्न ज़रूरतों को देखते हुए तत्काल आवश्यक क़दम उठाने चाहिए.''
समिति ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय से दिल्ली सरकार के अलावा, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार से पर्यटन ढाँचे की योजनाओं के प्रस्ताव पेश करने को कहा है ताकि राष्ट्रमंडल खेलों तक उनके लिए धन उपलब्ध कराया जा सके और ये योजनाएँ समय से पूरी हो सकें.
इधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने मीडिया से बातचीत में विश्वास जताया कि राष्ट्रमंडल खेलों से पहले सारे काम पूरे हो जाएँगे.