इंग्लैंड ने इस बात का खंडन किया है कि वो सुरक्षा चिंताओं के कारण दिल्ली में होने वाले कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा ने लेने के बारे में सोच रहा है. इंग्लैंड टीम की जनरल मैनेजर ऐन हॉगबिन ने कहा है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ हैं लेकिन उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि टीम को कॉमनवेल्थ खेलों में हिस्सा नहीं लेना चाहिए.
डेली टेलीग्राफ़ अख़बार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ऐसी आशंका है कि पाकिस्तानी चरमपंथी इंग्लैंड की टीम को अपना निशाना बना सकते हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि सुरक्षा तैयारियों की जाँच के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भारत आए थे. लेकिन लंदन में मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस बात का खंडन किया है.
सुरक्षा चिंता
अगस्त में सुरक्षा चिंताओं के चलते इंग्लैंड की टीम हैदराबाद में हुई वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप से हट गई थी. चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा की ओर से धमकी की रिपोर्ट आने के बाद ऐसा किया गया था. जुलाई 2009 में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने चेन्नई में डेविस कप मैच में खेलने से इनकार कर दिया था.चेन्नई में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ऑस्ट्रेलिया असंतुष्ट था.
वर्ष 2008 में मुंबई हमलों और पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम पर हुए हमले के बाद से ही राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है. एपी के मुताबिक ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि उसने अपनी टीम को ये हिदायत नहीं दी है कि वो राष्ट्रमंडल खेलों में भाग न लें. 80 के दशक में भारत में हुए एशियाई खेलों के बाद राष्ट्रमंडल खेल यहाँ होने वाला सबसे बड़ा आयोजन होगा.