धमाकेदार उदघाटन के लिए तैयार दिल्ली
तमाम विवादों और आलोचनाओं के बीच आज दिल्ली में 19वें राष्ट्रमंडल खेलों की शुरुआत हो रही है. दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और शहर पूरी तरह छावनी में तब्दील हो चुका है.
शहर के जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम में क़रीब तीन घंटे तक चलने वाले उदघाटन समारोह में भारतीय संस्कृति की झाकियाँ पेश की जाएँगी और कई विशेष रंगारंग कार्यक्रम होंगे.
इस बीच समाचार एजेंसी पीटीआई ने गृह सचिव के हवाले से ख़बर दी है कि एक अंतरराष्ट्रीय टीम के सुरक्षा अधिकारी को हिरासत में लिया गया है क्योंकि उनके पास से हथियार मिला है.
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स राष्ट्रमंडल खेलों की आधिकारिक शुरुआत करेंगे. वर्ष 1982 के एशियाई खेलों के बाद दिल्ली में इतनी बड़ी खेल प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है.
जमैका के उसैन बोल्ट और असफ़ा पॉवेल जैसे बड़े स्टार्स की ग़ैर मौजूदगी के बावजूद दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में 71 देशों के क़रीब सात हज़ार एथलीट हिस्सा ले रहे हैं.
इनमें भारत के रिकॉर्ड 619 एथलीट हिस्सा ले रहे हैं और घरेलू माहौल का फ़ायदा उठाकर पदकों की संख्या में बढ़ोत्तरी की भी आस लगाए होंगे.
उदघाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व बीजिंग ओलंपिक में स्वर्ण जीतने वाले निशानेबाज़ अभिनव बिंद्रा करेंगे.
ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स भी उदघाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए पहुँच चुके हैं और उन्होंने रविवार की सुबह खेल गाँव का दौरा किया. उनके साथ उनकी पत्नी कैमिला पारकर भी भारत आई हैं.
दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सुरक्षा व्यवस्था काफ़ी कड़ी है. उदघाटन समारोह को देखते हुए कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया गया है, तो शहर के ज़्यादातर बाज़ार बंद है. सड़कों पर चहल-पहल कम है.
क़रीब एक लाख पुलिसकर्मियों और सैनिकों को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है. दिल्ली के आसमान में हेलिकॉप्टरों के साथ-साथ मानवरहित विमान भी गश्त लगा रहे हैं.
दिल्ली के पुलिस आयुक्त वाईएस डडवाल का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था एकदम दुरुस्त है. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, "काफ़ी सोच-विचार और कई संशोधनों के बाद बहु स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है. शहर में आतंकवादी हमले की फ़िलहाल कोई ख़ुफ़िया जानकारी नहीं है. फिर भी सुरक्षाकर्मी पूरी तरह चौकस है."
सुरक्षाकर्मियों को खेल गाँव, आयोजन स्थलों के अलावा शहर के कई अहम इलाक़ों में तैनात किया गया है.
दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने अब तक के सबसे बड़े दल को चुना है. भारत की ओर से 619 एथलीट इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे.
भारतीय निशानेबाज़ों से काफ़ी उम्मीदें हैं
भारत को निशानेबाज़ी, भारोत्तोलन और मुक्केबाज़ी में पदक की उम्मीद है. इन तीन खेलों के अलावा बैडमिंटन, तीरंदाज़ी और स्क्वैश में भी भारतीय खिलाड़ी अपना दम लगाएँगे.
भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख भुवनेश्वर कलीता ने कुछ दिनों पहले कहा था कि भारत पदक तालिका में दूसरे स्थान पर आने की कोशिश करेगा.
चार साल पहले मेलबोर्न राष्ट्रमंडल में भारत चौथे स्थान पर रहा था. पहले तीन स्थान ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा को मिले थे.
दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल विवादों के कारण ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहा है. आयोजन समिति के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों के अलावा समय पर तैयारियाँ पूरी न होने की भी काफ़ी आलोचना हुई.
प्रिंस चार्ल्स दिल्ली पहुँच चुके हैं
कई स्टेडियम समय पर तैयार नहीं हुए. तो एथलीटों के ठहरने के लिए बने खेल गाँव की साफ़-सफ़ाई को लेकर काफ़ी आलोचना हुई.
बीबीसी को भी खेल गाँव की एक्सक्लूसिव तस्वीरें मिली, जिनमें खेल गाँव की बदहाली देखी जा सकती थी. बाद में आयोजन समिति और संबंधित अधिकारियों ने भी समस्याओं की बात मानी और समय पर खेल गाँव को चुस्त-दुरुस्त करने का वादा किया.
कई एथलीटों ने सुरक्षा कारणों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देकर राष्ट्रमंडल खेलों से अपने नाम तक वापस ले लिए.
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