WTC से पहले 2 टेस्ट खेलने का कीवियों को नुकसान भी हो सकता है, गावस्कर ने क्यों कही ये बात
नई दिल्लीः क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसका विश्लेषण कई तरीकों से हो सकता है। आप चाहे तो किसी मैच से पहले आने वाली परिस्थितियों को देखते हुए सतही विश्लेषण कर सकते हैं या फिर विभिन्न तरह के आंकड़े जुटाकर मनोरंजक तरीके से मसाला भी पेश कर सकते हैं। आंकड़े अपनी जगह है लेकिन विश्लेषण करते समय अंतर्दृष्टि बहुत महत्वपूर्ण होती है और जब बात गहरे विश्लेषण की होती है तो पूर्व दिग्गजों से बेहतर इस मामले में कोई भी साबित नहीं होता। इसी को कहते हैं कि अनुभव का कई बार कोई विकल्प होता ही नहीं है। क्रिकेट में इस समय बड़ी चर्चा 18 जून को होने वाली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप है जो कि खिताबी मुकाबले के तौर पर भारत और न्यूजीलैंड की टीमों के बीच खेली जानी है। यह एक ऐसी प्रतियोगिता है जो आईसीसी का अपनी तरह का पहला टूर्नामेंट है। यह टेस्ट मैचों का वर्ल्ड कप है और टेस्ट क्रिकेट को विश्व में गेंद और बल्ले के बीच होने वाले खेल का सर्वश्रेष्ठ प्रारूप माना जाता है।

जरूरी नहीं न्यूजीलैंड को पहले दो टेस्ट का फायदा मिले-
अब जब विश्लेषण की बात चल रही है तो सारी चर्चा इस बात की है कि भारतीय टीम तो 18 जून से लगभग एक हफ्ता पहले ही अपनी तैयारियों को अमली जामा पहनाएगी लेकिन कीवी टीम जून के पहले सप्ताह से ही इंग्लैंड के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज शुरू कर देगी। इस नजरिए से देखा जाए तो कीवी टीम को इंग्लिश हालातों में ढलने का बहुत ही शानदार मौका मिल जाएगा जिससे भारतीय टीम मरहूम रहेगी। ऐसे में कीवी टीम के पास निश्चित तौर पर भारतीयों की तुलना में अधिक एडवांटेज होना चाहिए लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान और महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने इस तर्क को खारिज कर दिया है।
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सुनील गावस्कर ने दिखाया सिक्के का दूसरा पहलू-
जी हां यह सच है कि इंडियन प्रीमियर लीग 2021 का पहला भाग जब से स्थगित हुआ है तब से भारतीयों ने कोई क्रिकेट नहीं खेला है लेकिन गावस्कर का विश्वास है अगर न्यूजीलैंड इंग्लैंड के खिलाफ उसकी जमीन पर दोनों टेस्ट मैच हार जाता है तो यह उनके आत्मविश्वास को बुरी तरह प्रभावित करेगा। गावस्कर ने द टेलीग्राफ में लिखे अपने कॉलम में यह बात कही है। वे कहते हैं, "कई लोग सुझाव दे रहे हैं कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप से पहले न्यूजीलैंड दो मुकाबले खेल चुका होगा और यह उनको काफी फायदा देगा क्योंकि वह भारतीयों की तुलना में काफी पहले ही परिस्थितियों में ढल चुके होंगे। लेकिन इस बात का दूसरा पहलू यह है कि न्यूजीलैंड हार भी सकता है और तब उनके आत्मविश्वास में कमी आएगी जब वे भारतीयों के साथ आमने-सामने होंगे।"

भारत के लिए फायदेमंद हो सकता है बाद में आना-
इसके अलावा सुनील गावस्कर ने इस संभावना से भी इंकार नहीं किया कि हो सकता है एक दो खिलाड़ियों को हल्की फुल्की चोट भी इन मुकाबलों के दौरान लग जाए और अगर इनमें से कोई महत्वपूर्ण खिलाड़ी हुआ तो लेने के देने भी पड़ सकते हैं। भारतीय बल्लेबाजी दिग्गज ने आगे कहा कि भारतीय टीम तरोताजा होकर आएगी और उनके अंदर इस मैच को लेकर कहीं अधिक ऊर्जा होगी और इसको जीत में लगाना चाहेंगे। गावस्कर लिखते हैं, "दूसरा फैक्टर यह है जो भारतीय टीम के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है कि वे तरोताजा होंगे और पूरी ऊर्जा व उत्साह के साथ अपने खेल को खेलेंगे। यह वह टीम है जिसने बुरी परिस्थितियों में भी सफलता का स्वाद चखा है तो किसी भी तरह की खराब परिस्थितियां एक अवसर के तौर पर दिखी जाएंगी ताकि वहां से अपने खेल का स्तर उठाया जा सके और विजेता के तौर पर उभरा जा सके।"
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