जब सुषमा स्वराज ने अभिवन बिंद्रा से कहा, बदले में चाहिए एक गोल्ड मेडल
नई दिल्ली। अगस्त से ब्राजील के शहर रियो डी जिनेरियो में ओलंपिक खेलों का आगाज होगा। इन खेलों के लिए भारत के कई खिलाड़ी भी खासी मेहनत कर रहे हैं और इनमें से ही एक हैं अभिनव बिंद्रा। लेकिन बिंद्रा के सामने उस समय एक परेशानी खड़ी हो गई जब उनके कोच का पासपोर्ट जर्मनी के शहर कोलोन में कहीं खो गया।
देश के लिए लाइए गोल्ड मेडल
इसके बाद बिंद्रा ने ट्विटर पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद मांगी। लेकिन सुषमा ने बिंद्रा की मदद के लिए उनके सामने एक शर्त रख दी। सुषमा ने बिंद्रा से कहा कि वह देश के लिए एक और गोल्ड मेडल रियो ओलंपिक में जीतें।
बिंद्रा अपने कोच के साथ एक प्री ओलंपिक इवेंट के लिए रियो जा रहे थे। इसी समय कोलोन में उनके कोच का पासपोर्ट चोरी हो गया था। आपको बता दें कि बिंद्रा ने वर्ष 2008 बीजिंग ओलंपिक के दौरान देश को पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाया था।
इंडियन आर्मी का मिशन रियो और उसके 10 जाबांज
ट्विटर के जरिए मिली मदद
सुषमा ने बिंद्रा के ट्वीट के बाद उनका फोन नंबर मांगा। बिंद्रा ने मदद मांगते हुए विदेश मंत्री से कहा कि उन्हें नए ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स और ब्राजील के लिए वीजा की जरूरत है ताकि वे प्री ओलंपिक इवेंट में हिस्सा ले सकें।
विदेश मंत्री ने इसके बाद भारतीय दूतावास से संपर्क किया जिसके बाद वहां स्थित भारतीय राजदूत गुरजीत सिंह ने बिंद्रा से संपर्क कर उनकी समस्या के बारे में पूछा।
रियो के लिए तैयार टीम इंडिया
बिंद्रा ने किया गोल्ड मेडल का वादा
विदेश मंत्री के हस्तक्षेप से बिंद्रा की समस्या दूर हुई और सुषमा स्वराज से फिर यह वादा करने को कहा कि वह ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल लाएंगे।
बिंद्रा ने विदेश मंत्री को उनकी मदद के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वह रियो में देश के लिए गोल्ड जीतने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।
@SushmaSwaraj @AmbGurjitSingh with your good wishes ma'am. Will do my best and will not leave any stone unturned in this endeavor
— Abhinav Bindra (@Abhinav_Bindra) April 9, 2016
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