मुश्किल होगा बल्लेबाजी के किले को जीतना
भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज को अंतिम हरी झंडी भले ही अभी तक नहीं मिली है, लेकिन जिस टीम को भारत ने मैदान पर उतारने का फैसला किया है, उसकी बल्लेबाजी के किले को फतह करना इंग्लैंड के लिए आसान नहीं होगा।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा घोषित की गई पंद्रह सदस्यीय टीम में यदि बल्लेबाजी के क्रम पर गौर करें तो विश्व की किसी भी टीम के लिए उस क्रम को तोड़ना काफी मुश्किल होगा।
सौरव गांगुली भले ही टीम में अब नहीं हैं, लेकिन बावजूद उसके टीम की बल्लेबाजी सातवें खिलाड़ी तक मजबूत होगी। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को नाको चने चबवाने वाले भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर किले के पहले स्तंभ हैं। दोनों ही बल्लेबाज इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं।
इस स्तंभ को तोड़ने में विश्व चैंपियंस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। लिहाजा इंग्लैंड के लिए भी दोनों खिलाड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
मजबूत मिडिल ऑर्डर
इन दोनों के बाद भारत के पास दो टेस्ट एक्सपर्ट वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि द्रविड़ अभी फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई के विशेषज्ञों की मानें तो वो अभी भी दीवार की तरह टिक सकते हैं।
इन सबके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और एकदिवसीय सीरीज में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धुलाई करने वाले युवराज सिंह हैं। दोनों ही बल्लेबाज इस समय गंदबाजों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
सातवें स्थान पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जो किसी भी परस्थिति में टीम को संभालने में सक्षम हैं।
केविन भी वाकिफ
मजबूत बल्लेबाजी के इस क्रम को तोड़ने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। भारतीय बल्लेबाजी के क्रम से स्वयं इंग्लैंड के कप्तान भी भली भांति वाकिफ हैं।
यही कारण है कि कप्तान केविन पीटरसन अपने दो गेंदबाजों एंड्रयू फ्लिंटॉफ और स्टीव हर्मिसन को भारत दौरे के लिए राजी करने खुद गये।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा घोषित की गई पंद्रह सदस्यीय टीम में यदि बल्लेबाजी के क्रम पर गौर करें तो विश्व की किसी भी टीम के लिए उस क्रम को तोड़ना काफी मुश्किल होगा।
सौरव गांगुली भले ही टीम में अब नहीं हैं, लेकिन बावजूद उसके टीम की बल्लेबाजी सातवें खिलाड़ी तक मजबूत होगी। श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया को नाको चने चबवाने वाले भारतीय सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर किले के पहले स्तंभ हैं। दोनों ही बल्लेबाज इस समय जबरदस्त फॉर्म में हैं।
इस स्तंभ को तोड़ने में विश्व चैंपियंस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। लिहाजा इंग्लैंड के लिए भी दोनों खिलाड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।
मजबूत मिडिल ऑर्डर
इन दोनों के बाद भारत के पास दो टेस्ट एक्सपर्ट वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। हालांकि द्रविड़ अभी फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई के विशेषज्ञों की मानें तो वो अभी भी दीवार की तरह टिक सकते हैं।
इन सबके बाद मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और एकदिवसीय सीरीज में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धुलाई करने वाले युवराज सिंह हैं। दोनों ही बल्लेबाज इस समय गंदबाजों के लिए चुनौती बने हुए हैं।
सातवें स्थान पर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जो किसी भी परस्थिति में टीम को संभालने में सक्षम हैं।
केविन भी वाकिफ
मजबूत बल्लेबाजी के इस क्रम को तोड़ने के लिए इंग्लैंड के गेंदबाजों को खासी मशक्कत करनी पड़ेगी। भारतीय बल्लेबाजी के क्रम से स्वयं इंग्लैंड के कप्तान भी भली भांति वाकिफ हैं।
यही कारण है कि कप्तान केविन पीटरसन अपने दो गेंदबाजों एंड्रयू फ्लिंटॉफ और स्टीव हर्मिसन को भारत दौरे के लिए राजी करने खुद गये।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:21 [IST]
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