रियो डी जेनेरियो। भारत को ओलंपिक में उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब पदक की दावेदार भारत की दीपा करमाकर अपने फाइनल वॉल्ट मुकाबले में चौथे स्थान पर रहकर बाहर हो गईं। हालांकि, एक वक्त पर ऐसा लग रहा था कि वह पदक जीत लेंगी क्योंकि अंतर बेहद मामूली सा था। लेकिन मुकाबले के अंत तक वह टॉप 3 में अपनी जगह कायम नहीं रख पाईं और इसी के साथ भारत का पदक इंतज़ार और भी बढ़ गया है। ये हैं स्वतंत्र भारत के पहले ओलंपिक पदक विजेता, इनकी वजह से ही शुरू हुआ था पुलिस नौकरी में खेल कोटा
#Rio2016 Indian Gymnast Dipa Karmakar finishes fourth in Vault Final, misses out on Olympic medal. pic.twitter.com/3Fkdow3qR6
— ANI (@ANI_news) August 14, 2016
वह महज कुछ अंकों के साथ कांस्य पदक से चूक गईं। दीपा ने डिफिकल्टी में 8.666 और एक्सीक्यूशन में 8.266 अंक हासिल किए। दीपा ने पहले प्रयास में 6 डिफिकल्टी और दूसरे प्रयास में सात डिफिकल्टी चुना था। तनाव के चलते इस तैराक ने कभी की थी आत्महत्या की कोशिश, आज रियो ओलंपिक में 2 स्वर्ण पदक के हैं मालिक
इस तरह उन्होंने पहले प्रयास में 14.866 और दूसरे प्रयास के लिए कुल 15.266 अंक जुटाए और उनका औसत 15.066 रहा। इस मुकाबले में अमेरिका की सिमोन बाइल्स 15.966 अंकों के साथ गोल्ड और रूस की मारिया पेसेका 15.253 अंकों के साथ सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं।
स्विटजरलैंड की गुलिया एस. 15.216 अंकों के साथ कांस्य जीतने में सफल रहीं। सभी जिमनास्ट्स में से दीपा ही चौथी ऐसी प्लेयर थीं जिनका स्कोर 15 के पार था।