कोरोना काल में हनुमा विहारी की टीम-100 कर रही लोगों की मदद, बिस्तर उपलब्ध कराना सबसे मुश्किल
बर्मिघम। कोरोना महामारी से इस वक्त पूरी दुनिया लड़ रही है। लेकिन भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने देश की कमर तोड़ दी है। लोगों के लिए अस्पताल में बेड हासिल करना, ऑक्सीजन और दवाओं आदि की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। कोरोना की वजह से हर कोई मुश्किलों का सामना कर रहा है। टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज हनुमा विहारी को भी कोरोना काल में अस्पताल में बिस्तर हासिल करने में काफी चुनौती का सामना करना पड़ा। तमाम क्रिकेटर सोशल मीडिया के जरिए लोगों की मदद करने की कोशिश कर रहे हैं। लोग अलग-अलग तरह से जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। हनुमा विहारी इस समय यूके में हैं और वह काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन वहां से भी वह लोगों के बेड का इंतजाम कराने की कोशिश कर रहे हैं।
100 वॉलंटियर की टीम
हनुमा विहारी ने 100 वॉलंटियर की मदद से एक टीम का गठन किया है जोकि लोगों की कोरोना काल में मदद करने का काम कर रही है। कुछ इसी तरह से कांग्रेस नेता बीवी श्रीनिवास जोकि हनुमा विहारी के दोस्त हैं वो भी इसी तरह की मुहि चला रहे हैं। पीटीआई को दिए इंटरव्यू में विहारी ने कहा कि मैं खुद की तारीफ नहीं करना चाहता हूं, मैं लोगों की मदद के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहा हूं, जिन्हें सच में मदद की जरूरत है उन्हें हर संभव मदद पहुंचाने की कोशिश कर रहा हूं। यह सिर्फ एक शुरुआत है। बतार दें कि हनुमा विहारी यूके में वॉरविकशायर की ओर से इंग्लिश काउंटी खेल रहे हैं। माना जा रहा है कि 3 जून को जब भारतीय टीम इंग्लैंड पहुंचेगी तो वह टीम के साथ जुड़ेंगे।
लोगों की हर संभव मदद की कोशिश
हनुमा विहारी ने कहा कि भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को बड़ी मुश्किल में डाल दिया है, यह ऐसी स्थिति है जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। लिहाजा मैंने फैसला लिया कि मै अपने समर्थकों की मदद से अधिक से अधिक लोगों की मदद करने की कोशिश करूंगा। मेरा लक्ष्य है कि मैं उन लोगों तक पहुंच सकूं जो खुद के लिए प्लाज्मा इकट्ठा नहीं कर पा रहे हैं, जिन्हें अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है, ऑक्सीजन नहीं मिल रही, जरूरी दवा नहीं मिल रही, उनकी मदद कर सूं। लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। मैं भविष्य में लोगों की और सेवा करना चाहूंगा।
पत्नी और बहन भी कर रही हैं काम
अपनी टीम के बारे में विहारी ने कहा कि मैंने खुद यह टीम तैयार की है, अच्छी बात यह है कि लोग अच्छी सोच के साथ प्रेरित होकर आगे आ रहे हैं और मेरी मदद कर रहे हैं। मेरी टीम में तकरीबन 100 लोग व्हाट्सएप के जरिए जुड़े हैं, जोकि कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हां मैं क्रिकेटर हूं, लोग मुझे जानते हैं लेकिन लोगों की मदद मैं इन 100 लोगों की वजह से ही कर पा रहा हूं। मैंने पहले एक ग्रुप बनाया था लेकिन अब अलग-अलग जगह पर लोग मौजूद हैं जोकि सोशल मीडिया के जरिए मदद पहुंचा रहे हैं। अगर मेरी जरूरत होती है तब मैं आगे आता हूं और सोशल मीडिया के जरिए लोगों से मदद की मांग करता हूं। विहारी ने बताया कि मेरी पत्नी, बहन और आंध्र प्रदेश की टीम के कुछ सदस्य भी इस टीम का हिस्सा हैं जोकि लोगों की मदद के लिए काम कर रहे हैं।
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