WTC के फाइनल से पहले बोले सर रिचर्ड हेडली, क्रिकेट को भारत की जरूरत है
नई दिल्ली। दिग्गज ऑलराउंडर सर रिचर्ड हेडली ने आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले को लेकर काफी उत्साहित हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर हेडली ने कहा कि वनडे विश्वकप में न्यूजीलैंड का प्रदर्शन अच्छा रहा है, हालांकि खिताब के करीब पहुंचकर हम खिताब से दूर रह गए। 2019 में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम ने 50 ओवर में बराबर रन बनाए और सुपर ओवर में भी बराबर रन बनाए और मैच टाई हो गया। लेकिन न्यूजीलैंड की टीम हार गई, अच्छा होता कि दोनों ही टीमें विश्वकप के साझेदार विजेता होती।

अहम है टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल
टेस्ट चैंपियनशिप के बारे में बात करते हुए हेडली ने कहा कि हालांकि यह फाइनल मुकाबला है लेकिन दोनों ही टीमें जीत की प्रबल दावेदार हैं। यह मैच न्यूट्रल मैदान पर खेला जाएगा। ऐसे में कौन सी टीम हालात के अनुसार मैदान पर खुद को ढालती है यह देखना अहम होगा। जो भी टीम यह करने में सफल होगी वो मैच में जीत दर्ज करेगी। हालांकि मौसम भी यहां अहम भूमिका निभाएगा। जो भी टीम इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार अच्छी तरह से तैयार होगी वह बेहतर प्रदर्शन करेगी। दोनों ही टीमों के गेंदबाजों के लिए ड्यूक गेंद मददगार साबित हो सकती है, खासकर कि स्विंग गेंदबाजों के लिए। टिम साउदी, ट्रेंट बोल्ट, जैमिसन ये सभी गेंद को स्विंग कराते हैं।

टेस्ट क्रिकेट में भारत का योगदान अहम
भारतीय टीम के बारे में हेडली ने कहा कि भारत के बिना विश्व क्रिकेट का रूप अलग होगा, लिहाजा क्रिकेट को भारत की जरूरत है। टेस्ट क्रिकेट में भी भी भारत ने जबरदस्त योगदान दिया हैा। भारतीय टीम का टेस्ट में प्रदर्शन जबरदस्त रहा है, जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में भारतीय टीम 36 रन के स्कोर पर ढेर हो गई और सीरीज में वापसी की, वह जबरदस्त है। भारतीय टीम ने जबरदस्त वापसी की और टेस्ट क्रिकेट फिर से जिंदा हो गया। कई युवा खिलाड़ी टीम में आए और अच्छा प्रदर्शन किया। यह दर्शाता है कि भारतीय टीम के पास कितनी गहराई है और यह गहराई हर फॉर्मेट में है।

विराट कोहली के गुस्से पर दी प्रतिक्रिया
टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव के बारे में हेडली ने कहा कि सभी खेल शीर्ष स्तर पर एक दूसरे के खिलाफ जबरदस्त प्रतिस्पर्धात्मक होते हैं। ऐसे में मैच जीतने के लिए रास्ते तलाशने होते हैं और कैसे विरोधी टीम के खिलाफ खुद को आगे रखा जाए यह मायने रखता है। टीम कितना आगे जाती है और टीम खेल भावना को किस तरह से दर्शाती है, दोनों के बीच में बहुत रत्ती भर का फासला होता है। मुझे अच्छा लगता है कि जब मैदान पर कोई खिलाड़ी खुद की भावनाओं को जाहिर करता है और विपक्ष के खिलाफ अपनी उपस्थिति को दर्शाता है। यह एक तरीका है जिसके जरिए आप विरोधी टीम की लय को तोड़ते हैं। मैं विराट कोहली को बेहद जुनूनी खिलाड़ी के तौर पर देखता हूं, उनके भीतर अपनी टीम को सफलता दिलाने की जबरदस्त इच्छा होती है।
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