राष्ट्रमंडल खेल संघ (सीजीएफ़) के प्रमुख माइक फ़ेनेल ने दिल्ली में अगले साल होने वाले खेलों की तैयारियों का जायज़ा ले रहे संघ के मुख्य कर्यकारी अधिकारी (सीईओ) माइकल हूपर को हटाने से इनकार कर दिया है. इससे पहले दिल्ली में कॉमनवेल्थ खेलों के पर्यवेक्षक माइकल हूपर ने भारतीय ओलंपिक संघ द्वारा उनको हटाए जाने की मांग को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओसी) और राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी ने हूपर पर विवाद खड़ा करने और खेलों के आयोजन में अड़चनें पैदा करने का आरोप लगाया था. कलमाड़ी ने आईओसी के प्रमुख की हैसियत से गुरुवार को प्रेस कॉंफ़्रेंस कर ये बताया कि उन्होंने माइकल हूपर को राष्ट्रमंडल खेल संघ के सीईओ पद से हटाने का प्रस्ताव दिया है.
लेकिन माइक फ़ेनेल ने उन्हें हटाने से इनकार करते हुए आयोजन समिति को सलाह दी है कि वह खेलों की तैयारियों से जुड़े मुद्दे सुलझाने पर ध्यान दे तो ज़्यादा बेहतर होगा.
कलमाड़ी को नसीहत
उन्होंने शुक्रवार को जमैका से जारी एक बयान में कहा, "स्वाभाविक तौर पर दिल्ली से हूपर को हटाने के प्रस्ताव पर हमें हैरानी और निराशा हुई. खेलों के सफल आयोजन के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर कोई सवाल खड़े नहीं कर सकता. इसमें उन्हें अहम भूमिका निभानी है."
फ़ेनेल का कहना था, "हूपर को निशाना बनाने की बज़ाए आयोजन समिति से मैं अनुरोध करता हूं कि वे खेलों की तैयारियों पर हुई समीक्षा बैठक में उभरे मुद्दों पर ध्यान दे." दरअसल समीक्षा बैठक के बाद फ़ेनेल ने खेलों की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए एक अलग तकनीकी समिति का गठन कर दिया था जिससे कलमाड़ी की अध्यक्षता वाली आयोजन समिति नाखुश है.
लेकिन फ़ेनेल ने स्पष्ट किया कि इस समिति का गठन होगा और इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा.