रोजी-रोटी के लिए सड़क पर सब्जियां बेचने को मजबूर हुई एथलीट, झारखंड के CM ने की मदद

 Geeta Kumari forced to sell vegetable, Jharkhand CM Hemant Soren helps her

नई दिल्ली: कोविद -19 लॉकडाउन के चलते बहुत से घरों में किसी ना किसी तौर पर दुख ला दिया है। लॉकडाउन के शुरुआती चरण के दौरान, कई प्रवासी मजदूरों और नागरिकों को समस्या का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने घर वापस जाना चाहते थे लेकिन प्रतिबंध और नियम सख्त होने के कारण उन्हें कोई परिवहन नहीं मिला और उस दौरान उन्हें बहुत निराशा का सामना करना पड़ा। लॉकडाउन ने बहुत से व्यक्तियों पर वित्तीय बोझ डाला था और इस चरण के दौरान कई एथलीटों को भी नुकसान उठाना पड़ा था।

गीता कुमारी को सड़कों पर सब्जियां बेचने को होना पड़ा मजबूर-

गीता कुमारी को सड़कों पर सब्जियां बेचने को होना पड़ा मजबूर-

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसी ही एक एथलीट गीता कुमारी को झारखंड के रामगढ़ जिले की सड़कों पर सब्जियां बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा।

IPL में कोहली और गंभीर के बीच क्यों हुई थी कहासुनी, KKR के पूर्व बल्लेबाज ने किया खुलासा

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हस्तक्षेप ने कुमारी को रामगढ़ जिला प्रशासन से 50,000 रुपये और साथ ही उनके एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ाने के लिए 3,000 रुपये का मासिक वजीफा दिलाने में मदद की।

हेमंत सोरेन ने की मदद-

हेमंत सोरेन ने की मदद-

सोरेन को अपने ट्विटर हैंडल पर जानकारी मिली कि कुमारी वित्तीय समस्याओं के कारण सड़क किनारे सब्जी बेचने वाली बन गई हैं। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के डिप्टी कमिश्नर को कुमारी की आर्थिक रूप से सहायता करने का निर्देश दिया ताकि वह अपने एथलेटिक्स करियर को आगे बढ़ा सके।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) संदीप सिंह ने सोमवार को कुमारी को 50,000 रुपये का चेक दिया और एथलीट को 3,000 रुपये मासिक देने की भी घोषणा की।

राज्य स्तर पर जीत चुकी हैं कई गोल्ड-

राज्य स्तर पर जीत चुकी हैं कई गोल्ड-

कुमारी ने राज्य स्तर पर चलने वाली प्रतियोगिताओं में आठ स्वर्ण पदक जीते थे और कोलकाता में आयोजित प्रतियोगिताओं में एक रजत पदक और एक कांस्य पदक जीता था, डिप्टी कमिश्नर ने कहा, "कई खिलाड़ी हैं रामगढ़ में, जो देश के लिए जीत हासिल करने में सक्षम हैं, और प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि उन्हें समर्थन मिले। "

'जब किसी को पता नहीं था कोरोना क्या है, तब मुझे हुई थी ये बीमारी': बॉथम ने बताया अपना अनुभव

कुमारी के चचेरे भाई धनजय प्रजापति ने कहा, "वह सब्जियां बेचती है और पड़ोसी जिले के हजारीबाग के आनंद कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष की छात्रा है। उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है। अब जब प्रशासन ने सहायता दी है तो वह बहुत खुश है। "इस महीने की शुरुआत में झारखंड सरकार ने धनबाद जिले के राष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज सोनू खातून को वित्तीय सहायता प्रदान की थी, जिन्हें अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी कमाने के लिए सब्जियां बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

Story first published: Wednesday, July 1, 2020, 6:44 [IST]
Other articles published on Jul 1, 2020
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more