बेंगलुरु। इंडियन प्रीमियर लीग 2013 में हुई स्पॉट फिक्सिंग पर फैसला मंगलवार की दोपहर आया। इसे संयोग कहें या ग्रहों का खेल, वास्तविकता तो यही है कि गुरु ने अपनी चाल बदलते ही गुरु का गुरुबल छीन लिया है।
यहां पहला गुरु यानि ब्रहस्पति ग्रह जिसने आज ही अपना घर बदला है। दूसरा गुरु है गुरुनाथ मयप्पन, जिस पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया है और तीसरा है गुरु बल यानी पावर, जो कि गुरुनाथ के पास अब तक थी।
14 जुलाई 2015 को, मिथुनगत चन्द्रमा के समय बृहस्पति ग्रह ने मधा नक्षत्र के अधीन सुबह 6:26 बजे सिंह राशि में गोचर करना प्रारम्भ किया। यह इस राशि में 11 अगस्त 2016 तक रहेगा। जो ज्योतिष पर विश्वास नहीं रखते, वे शायद हंसेंगे, लेकिन जो विश्वास रखते हैं, वे अपने दैनिक जीवन में खुद के आचार-विचार में परिवर्तन जरूर लायेंगे।
बृहस्पति का जीवन पर प्रभाव
ज्योतिषाचार्य पं. अनुज के शुक्ल की मानें तो बृहस्पति ग्रह की छाया ही जीवन में खुशहाली एवं समृद्धि ले आती है और भाग्योदय कर देती है। लेकिन अगर व्यक्ति के कर्म बुरे हों, तो उस पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। यदि आप दूसरों के साथ छल-कपट करते हैं, शराब-सिगरेट, आदि का सेवन करते हैं, कोई अपराध करते हैं, किसी के साथ बुरा बर्ताव करते हैं, तो आपका बृहस्पति खुद-ब-खुद कमजोर पड़ने लगता है। और जो व्यक्ति अच्छे कर्म करता है, उसे बृहस्पति ग्रह हमेशा अच्छे फल देता है।
पं. अनुज के शुक्ल कहते हैं कि चूंकि हमारे पास गुरुनाथ मयप्पन की कुंडली नहीं है, इसलिये सीधे तौर पर तो नहीं कह सकते, लेकिन हां जिस प्रकार का भ्रष्टाचार उन्होंने किया है, उसके आधर पर यह माना जा सकता है कि गुरु के प्रभाव से आज उन्हें यह दिन देखने पड़ रहे हैं।