नई दिल्ली। अगले महीने से इंडोनेशिया में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल को लेकर आईओए में चल रहा ड्रामा खत्म होने का नाम नहीं ले रहै है। भारतीय ओलंपिक संघ ने मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद आगामी एशियाई खेलों के लिए पुरुष हैंडबॉल टीम को मंजूरी दे दी है। आईओए के महासचिव राजीव मेहता ने कहा कि हमने कोर्ट के निर्णय के बाद अपने विधि आयोग को मामला भेजा था। उसके बाद हमने हैंडबॉल टीम को एशियाई खेलों के लिए क्लियर कर दिया है।
उन्होंने कहा, 'मैंने एशियाई खेलों की आयोजन समिति को पुरुषों की हैंडबॉल टीम को अधिकृत रूप से शामिल करने की बाबत लिखा है। अब यह आयोजन समिति पर निर्भर है। हैंडबॉल टीम पहले उस 524 दल का हिस्सा नहीं थी जिसे आईओए ने मंजूरी दी थी, लेकिन पुरुष टीम का नाम ड्रॉ में शामिल हो गया।'
एशियाई फेडरेशन ने इस बारे में भारतीय हैंडबॉल संघ (एचएफआई) को सूचित किया कि उसकी टीम एशियाई खेलों में भाग ले सकती है। आईओए ने पहले मंजूरी नहीं दी थी जिस पर एचएफआई ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दाखिल की थी। महिला हैंडबॉल टीम के नाम को पहले ही आईओए ने मंजूरी प्रदान कर दी थी। आईओए ने हैंडबॉल की इस टीम को शामिल करने के लिए पेंनच सिलाट की टीम को रोक दिया है। एशियन गेम्स में पहली बार शामिल हुए इस खेल की 20 सदस्यीय टीम को रोकने का बाद अब भारतीय दल के कुल एथलीट्स की सख्या 515 रह गई है।