IND vs NZ: ना साहस दिखा सके, ना रिस्क उठा सके, हार के बाद बहुत कुछ कह गए विराट कोहली
नई दिल्लीः भारतीय क्रिकेट टीम को न्यूजीलैंड ने बहुत बड़ा झटका दे दिया है। T20 वर्ल्ड कप की शुरुआत पाकिस्तान से हारकर करने वाली टीम इंडिया कीवियों के खिलाफ अपना दूसरा महत्वपूर्ण मुकाबला भी हार गई। न्यूजीलैंड ने 5.3 ओवर शेष रहते हुए 8 विकेट के साथ टीम इंडिया को हराकर उनके सेमीफाइनल में जाने के चांस भी बहुत कम कर दिए हैं। इस मैच में भारत ने दो बदलाव किए थे लेकिन वह भी किसी काम नहीं आए क्योंकि पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम मात्र 110 रनों के स्कोर पर सीमित हो गई।
सूर्यकुमार यादव की जगह पर ईशान किशन खेल रहे थे जबकि भुवनेश्वर कुमार के स्थान पर शार्दुल ठाकुर खेल रहे थे। सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरी प्रतियोगिता में भारत अब तक केवल 2 विकेट लेने में कामयाब रहा है। टीम इंडिया ने कुछ अजीबोगरीब फैसले भी लिए जैसे कि रोहित शर्मा जैसे स्थापित ओपनिंग बल्लेबाज को नंबर 3 पर भेज दिया। भारतीय बल्लेबाज जब भी रन बनाने की कोशिश करते कोई न कोई फील्डर हवा में उनको लपक लेता।

बड़ा ही खराब रहा ये प्रदर्शन-
भारतीय बैटिंग कितनी खराब थी उसको आप इसी बात से समझ सकते हैं कि पूरी बल्लेबाजी लाइन अप में केवल दो ही बल्लेबाज 100 से ऊपर का स्ट्राइक रेट निकालने में कामयाब रहे जिनमें केएल राहुल और अंतिम ओवरों में बढ़िया बल्लेबाजी करने वाले रविंद्र जडेजा का नाम आता है।
दूसरी और ट्रेंट बोल्ट एक बार फिर से बहुत शानदार गेंदबाज थे जिन्होंने 4 ओवर में 20 रन देकर तीन विकेट लिए और साबित कर दिया कि बाएं हाथ के तेज गेंदबाज भारत को बड़े मैचों में हमेशा तंग करते रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान के शाहिद अफरीदी ने भी टीम इंडिया को उसके पहले मुकाबले में बहुत तंग किया था। ईश सोढ़ी ने भी 4 ओवर में 17 रन देकर दो विकेट लिए और भारत के रनों की गति पर पूरी तरह अंकुश लगाए रखा। इसके जवाब में न्यूजीलैंड की टीम बहुत आसानी से 14.3 ओवर में ही 111 रन बनाकर यह मुकाबला जीत गई जहां पर मार्टिन गुप्टिल ने 20 रन बनाए और डेरिल मिशेल ने 49 रनों का योगदान दिया। केन विलियमसन ने भी फॉर्म में लौटते हुए 31 गेंदों पर 33 रनों की पारी खेली।

कोहली ने कहा- हर मोर्चे पर चूक गए हम
इस हार के बाद विराट कोहली मानते हैं कि भारतीय टीम ने काफी खराब खेल दिखाया है और कई मौकों पर कई मोर्चों पर चूक हुई है। कोहली मानते हैं कि भारतीय टीम सही तरीके से प्रेशर को हैंडल नहीं कर पाई और इस मैच में जिस तरह का रिस्क लेना चाहिए था वह रिस्क भी नहीं ले पाई।
मैच हारने के बाद कोहली ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि हम गेंद और बल्ले के साथ बहुत अच्छे थे। निश्चित रूप से गेंदबाजी के लिए बहुत कुछ नहीं था। हमारी बॉडी लैंग्वेज भी बहादुरों जैसी नहीं थी और न्यूजीलैंड के पास बेहतर तेजी और बॉडी लैंग्वेज थी। जब भी हमने चांस लिया तभी हमने विकेट गंवा दिया। ऐसा तब होता है जब आपको इस बात की झिझक होती है कि शॉट खेलें या फिर नहीं।

पॉजिटिव क्रिकेट से दूर हो गया भारत-
कोहली आगे कहते हैं, "जब भारत के लिए खेलते हो तो आपसे बहुत सारी उम्मीदें होती हैं। लोग आपको देखते हैं और स्टेडियम में भी आते हैं और भारत के लिए खेलते समय आपको इन सब चीजों को समझना होता है। हमने इन दो मैचों में कुछ अच्छा नहीं किया और इसी वजह से हम जीत नहीं सके। हमें पॉजिटिव रहना चाहिए था और सोच समझकर रिस्क भी लेना चाहिए हमें दबाव से दूर रहना चाहिए था और अपनी प्रक्रिया से जुड़े रहकर चलते रहना चाहिए था तभी हम एक पॉजिटिव ब्रांड का क्रिकेट खेल सकते थे। इस प्रतियोगिता में अभी भी बहुत क्रिकेट बाकी है।"
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