इंग्लैंड से भिड़ेगा भारत, साख दांव पर
नई दिल्ली। आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ लगातार दो मैचों में शिकस्त खाने वाली मेजबान भारतीय टीम हीरो होंडा एफआईएच विश्व कप के पूल-बी में शनिवार को जोरदार लय में दिख रही इंग्लैंड की टीम के साथ दो-दो हाथ करेगी।
भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए किसी भी हाल में पहले इंग्लैंड को और फिर सोमवार को दक्षिण अफ्रीका को हराना होगा। इस लिहाज से इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले में भारत का काफी कुछ दांव पर होगा। इंग्लैंड ने पूल-बी में पहला स्थान हथिया रखा है। उसने अपने तीनों मैच जीते हैं। इस टीम को हराना भारत के लिए टेढ़ी खीर होगी क्योंकि यूरोपीयन चैम्पियन इंग्लैंड की टीम आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को हराकर इस स्थिति में पहुंची है।
पढ़ें- हॉकी विश्व कप की खबरें
दूसरी ओर, तीन अंकों के साथ भारतीय टीम तालिका में चौथे स्थान पर है। उससे ऊपर इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन की टीमें हैं। स्पेन और आस्ट्रेलिया ने भारत को 5-2 के अंतर से हराया है जबकि भारत को एकमात्र जीत पाकिस्तान के खिलाफ मिली है। विश्व कप के पहले ही दिन भारत ने पाक को हराकर सबका मन मोह लिया था लेकिन उसके बाद उसके प्रदर्शन में निराशाजनक तौर पर गिरावट देखी गई।
भारत के लिए यह मैच कई मायने में खास होगा। इस मैच को जीतकर भारत की टीम न सिर्फ विश्व कप में बने रहने के अपने अभियान को अमली जामा पहनाएगी बल्कि वह बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की खुन्नस को भी उतार लेगी। इंग्लैंड ने ही उसे बीजिंग ओलंपिक में जाने से रोका था।
इंग्लैंड की टीम इस मैच को भी उतनी ही गंभीरता से लेगी, जिस गंभीरता से उसने अब तक खेले गए मैचों को लिया है। एक टीम के तौर पर इंग्लैंड के खिलाड़ी मैच दर मैच सुधार कर रहे हैं। दूसरी ओर भारत की टीम विकास की प्रक्रिया में है लिहाजा अंग्रेज भारत को हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते।
शिवेंद्र सिंह की होगी वापसी
इंग्लैंड की टीम को जहां पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मैनटेल की कमी खलेगी वहीं भारतीय टीम में शिवेंद्र सिंह की वापसी होगी। शिवेंद्र पर पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान दो मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था। शुरु आत में उन पर तीन मैचों को प्रतिबंध लगा था लेकिन बाद में उसे घटाकर दो मैचों का कर दिया गया था।
शिवेंद्र की वापसी से भारतीय आक्रमण पंक्ति को मजबूती मिलेगी। उनकी गैरमौजूदगी में आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ टीम का दायां पलड़ा कमजोर पड़ गया था।
मैनटेल को गुरुवार को पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। वह इस चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो चुके हैं। इंग्लैंड की टीम ने अब तक जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि उसे मैनटेल की कमी बहुत अधिक नहीं खलेगी क्योंकि उसके बाकी के खिलाड़ी भी काफी अच्छी लय में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखने के लिए किसी भी हाल में पहले इंग्लैंड को और फिर सोमवार को दक्षिण अफ्रीका को हराना होगा। इस लिहाज से इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले में भारत का काफी कुछ दांव पर होगा। इंग्लैंड ने पूल-बी में पहला स्थान हथिया रखा है। उसने अपने तीनों मैच जीते हैं। इस टीम को हराना भारत के लिए टेढ़ी खीर होगी क्योंकि यूरोपीयन चैम्पियन इंग्लैंड की टीम आस्ट्रेलिया, पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका को हराकर इस स्थिति में पहुंची है।
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दूसरी ओर, तीन अंकों के साथ भारतीय टीम तालिका में चौथे स्थान पर है। उससे ऊपर इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और स्पेन की टीमें हैं। स्पेन और आस्ट्रेलिया ने भारत को 5-2 के अंतर से हराया है जबकि भारत को एकमात्र जीत पाकिस्तान के खिलाफ मिली है। विश्व कप के पहले ही दिन भारत ने पाक को हराकर सबका मन मोह लिया था लेकिन उसके बाद उसके प्रदर्शन में निराशाजनक तौर पर गिरावट देखी गई।
भारत के लिए यह मैच कई मायने में खास होगा। इस मैच को जीतकर भारत की टीम न सिर्फ विश्व कप में बने रहने के अपने अभियान को अमली जामा पहनाएगी बल्कि वह बीजिंग ओलंपिक के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाने की खुन्नस को भी उतार लेगी। इंग्लैंड ने ही उसे बीजिंग ओलंपिक में जाने से रोका था।
इंग्लैंड की टीम इस मैच को भी उतनी ही गंभीरता से लेगी, जिस गंभीरता से उसने अब तक खेले गए मैचों को लिया है। एक टीम के तौर पर इंग्लैंड के खिलाड़ी मैच दर मैच सुधार कर रहे हैं। दूसरी ओर भारत की टीम विकास की प्रक्रिया में है लिहाजा अंग्रेज भारत को हल्के में लेने की भूल नहीं कर सकते।
शिवेंद्र सिंह की होगी वापसी
इंग्लैंड की टीम को जहां पेनाल्टी कार्नर विशेषज्ञ रिचर्ड मैनटेल की कमी खलेगी वहीं भारतीय टीम में शिवेंद्र सिंह की वापसी होगी। शिवेंद्र पर पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान दो मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था। शुरु आत में उन पर तीन मैचों को प्रतिबंध लगा था लेकिन बाद में उसे घटाकर दो मैचों का कर दिया गया था।
शिवेंद्र की वापसी से भारतीय आक्रमण पंक्ति को मजबूती मिलेगी। उनकी गैरमौजूदगी में आस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ टीम का दायां पलड़ा कमजोर पड़ गया था।
मैनटेल को गुरुवार को पाकिस्तान के साथ खेले गए मैच के दौरान टखने में गंभीर चोट लगी थी। वह इस चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो चुके हैं। इंग्लैंड की टीम ने अब तक जिस स्तर का प्रदर्शन किया है, उसे देखते हुए यह कहा जा सकता है कि उसे मैनटेल की कमी बहुत अधिक नहीं खलेगी क्योंकि उसके बाकी के खिलाड़ी भी काफी अच्छी लय में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:32 [IST]
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