विजेंद्र सिंह समेत भारतीय मुक्केबाज कॉमनवेल्थ गेम्स फाइनल में
स्टार मुक्केबाज विजेंदर ने पुरुष मिडिलवेट (75 किग्रा) के एकतरफा मुकाबले में उत्तरी आयरलैंड के कोनोर कायल को 3-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई।
मनदीप जांगड़ा (पुरुष 69 किग्रा), लैशराम देवेंद्रो सिंह (पुरुष 46-49 किग्रा) और एल सरिता देवी (महिला 57-60 किग्रा) भी खिताबी मुकाबले में जगह बनाने में सफल रहे लेकिन पिंकी रानी (महिला 51 किग्रा) को सेमीफाइनल में शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
विजेंदर ने एक बार फिर आक्रामक मुक्केबाजी का नजारा पेश किया। पहले दौर में तीनों जजों ने उनके पक्ष में 10-9 का समान स्कोर दिया। वह दूसरे दौर में आयरलैंड के मुक्केबाज को बायें हाथ से जोरदार मुक्का जड़ने में सफल रहे। भारतीय मुक्केबाज ने दायें हाथ से एक और मुक्का जड़ा जिसके बाद कायल रक्षात्मक हो गए।
विजेंदर को दूसरे दौर में भी सभी तीन जजों ने 10-9 का समान स्कोर दिया। भारतीय मुक्केबाज को तीसरे और अंतिम दौर में भी तीनों जजों से 10-9 अंक मिले और वह फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।
मनदीप को हालांकि उत्तरी आयरलैंड के स्टीवन डोनेली को हराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। डोनेली ने पहले दौर में 10-9 से जीत दर्ज की लेकिन मनदीप ने बाकी दोनों दौर जीतकर 2-1 से जीत दर्ज की।
दूसरी तरफ देवेंद्रो ने पुरुषों के 49 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में वेल्स के एशले विलियम्स को जबकि सरिता देवी ने महिलाओं के 60 किग्रा में मोजाम्बिक की मारिया माचोंग्वा को हराया।
बाईस वर्षीय देवेंद्रो शुरू से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी हो गये और दनादन मुक्के जड़ने के साथ उन्होंने अपना बखूबी बचाव भी किया। तीनों जजों ने 3-0 से उनके पक्ष में फैसला सुनाया। इससे पहले सरिता देवी ने भारतीय खेमे में खुशी की लहर दौड़ायी।
विश्व चैंपियनशिप की पूर्व रजत पदक विजेता 29 वर्षीय सरिता ने मारिया के खिलाफ एकतरफा जीत दर्ज की।
इस मणिपुरी मुक्केबाज के पक्ष में तीन जजों ने 3-0 से फैसला सुनाया। उन्होंने सरिता के पक्ष में 40-33, 40-32, 40-34 से फैसला दिया।
सरिता फाइनल में आस्ट्रेलिया की शैली वाट्स से भिड़ेगी।
पिंकी जांगड़ा हालांकि महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग की सेमीफाइनल में उत्तरी आयरलैंड की मिशेला वाल्श से हार गयी और उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
राष्ट्रीय ट्रायल्स के दौरान ओलंपिक कांस्य पदकधारी मैरीकाम को हराने वाली पिंकी ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को कड़ी चुनौती दी लेकिन वह अपने से लंबे कद की मुक्केबाज के खिलाफ करारे मुक्के नहीं लगा सकीं।
पिंकी यह मुकाबला 0.2 से हार गयी। कजाखस्तान के जज ने आठ मिनट के चार राउंड के मुकाबले में दोनों मुक्केबाजों को 38-38 अंक दिये। लेकिन कनाडा और हंगरी के जज ने वाल्श के हक में फैसला करते हुए क्रमश: 40-36 और 39-37 अंक दिये।
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