वे दुर्भाग्यशाली रहे और 95 रन बनाकर आख़िरी विकेट के रूप में आउट हुए. उन्होंने दो अच्छी साझेदारी की. एक युवराज सिंह के साथ और दूसरा आरपी सिंह के साथ.
भारत की ख़राब बल्लेबाज़ी का आलम ये रहा कि सिर्फ़ तीन बल्लेबाज़ों का स्कोर ही दो अंको में जा पाया. इन तीन बल्लेबाज़ों में गेंदबाज़ आरपी सिंह भी शामिल हैं.
आरपी सिंह ने 23 रन बनाए. जबकि युवराज सिंह ने 35 रनों की पारी खेली. वेस्टइंडीज़ की ओर से रवि रामपॉल ने भारतीय टीम को सबसे ज़्यादा परेशान किया. उन्होंने चार विकेट लिए. जबकि जेरोम टेलर और ड्वेन ब्रैवो ने तीन-तीन विकेट लिए.
ख़राब शुरुआत
पहले ओवर से भारतीय बल्लेबाज़ों के पवेलियन लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था.
बीच में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उप कप्तान युवराज सिंह ने कुछ उम्मीद ज़रूर बँधाई लेकिन युवराज के पवेलियन लौटने के साथ ये उम्मीद भी जाती रही.
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी एक छोर से अपने साथी खिलाड़ियों को पवेलियन लौटते देखते रहे.
पहले एक दिवसीय मैच की तरह कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी चुनी.
लेकिन इस बार उनका फ़ैसला सही साबित नहीं हुआ. पहले ही ओवर में दिनेश कार्तिक ने बाहर जाती गेंद को छेड़ा और अपना विकेट गँवा दिया.
रवि रामपॉल ने दूसरा ओवर किया और इसी ओवर में भारत ने दो विकेट गँवा दिए. गौतम गंभीर और रोहित शर्मा दोनों बिना कोई रन बनाए आउट हो गए.
दोनों ने वही ग़लती की जो ग़लती दिनेश कार्तिक ने की थी. बाहर निकलती गेंदों पर बल्ला लगाने की कोशिश और आसान सा कैच.
भारतीय बल्लेबाज़ों की इस ग़लती का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि विकेटकीपर दिनेश रामदीन ने पाँच कैच लपके.
अहम साझेदारी
भारत के तीन विकेट सिर्फ़ सात रन पर ही गिर चुके थे. इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह ने पारी संभालने की कोशिश की और स्कोर को 50 के पार तक ले गए.
रवि रामपॉल ने चार विकेट चटकाए
युवराज सिंह एक बार फिर अच्छी बल्लेबाज़ी कर रहे थे. लेकिन 35 के निजी स्कोर पर उन्होंने भी विकेटकीपर दिनेश रामदीन को कैच दे दिया.
उनके आउट होते ही एक बार फिर भारतीय बल्लेबाज़ों के पवेलियन जाने का सिलसिला शुरू हो गया. यूसुफ़ पठान अपना खाता भी नहीं खोल पाए तो रवींद्र जडेजा ने सात रन बनाए.
हरभजन भी सात रन ही बना पाए तो ईशांत शर्मा की जगह टीम में शामिल किए गए प्रवीण कुमार एक रन ही बना पाए. भारत के आठ विकेट 82 रन पर गिर गए थे.
इसके बाद कप्तान धोनी ने आरपी सिंह के साथ मिलकर पारी संभाली और स्कोर को 183 रन तक ले गए. दोनों ने 101 रनों की अहम साझेदारी की. आरपी सिंह 23 रन बनाकर आउट हुए.