गुजरात हाई कोर्ट ने शुक्रवार को इशरत जहां की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए एक तीन-सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है.
जून 2004 में इशरत जहां, उनके ब्वॉयफ़्रेंड और दो अन्य लोगों को गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद के पास मार दिया था.
उस वक़्त पुलिस ने दावा किया था कि मारे गए चारों लोग गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साज़िश कर रहे थे.
शुक्रवार को न्यायाधीश जयंत पटेल और अभिलाषा कुमारी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को दो सप्ताह के भीतर इस नई एसआईटी के गठन की अधिसूचना जारी करने के लिए कहा है.
अदालत ने इस अधिसूचना के बाद अस्तित्व में आने वाली एसआईटी को तीन महीनों में अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है.
अदालत ने इस एसआईटी में जिन तीन आईपीएस अधिकारियों को रखा है उनके नाम हैं – करनैल सिंह, मोहन झा और सतीश शर्मा.
करनैल सिंह दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं और अन्य दो गुजरात पुलिस में तैनात हैं.
अदालत ने ये आदेश इशरत जहां के साथ मारे गए जावेद शेख़ उर्फ़ प्रनेश पिल्लै के पिता की याचिका की सुनवाई के दौरान दिया.