IND vs ENG: सचिन तेंदुलकर ने दिया भारतीय बल्लेबाजों को आउट करने का तरीका, बताया- कैसे कामयाब होंगे जैक लीच
India vs England Sachin tendulkar reveals How England Spinner Jack leach can take Wickets in Chennai: नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड (England) के बीच विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (World Test Championship) के तहत खेली जाने वाली चार मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज शुक्रवार (5 फरवरी) से चेन्नई के एम चिदंबरम स्टेडियम से हो रहा है। भारतीय सरजमीं पर होने वाली यह टेस्ट सीरीज टेस्ट चैम्पियनशिप (Test Championship) के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है तो वहीं पर भारतीय सरजमीं पर एक साल बाद क्रिकेट की वापसी हो रही है।
वहीं चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम पर पिछले 11 महीनों से एक भी मैच नहीं खेला गया है जिसकी वजह से पिच पर घास देखने को मिली थी, ऐसे में दोनों टीमों के लिये प्लेइंग 11 का चयन काफी अहम साबित होने वाला है।
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चेन्नई की पिच पर रहा है स्पिनर्स का बोलबाला
चेन्नई की पिच को हमेशा से बल्लेबाजों और स्पिनर्स की मददगार पिच के रूप में देखा गया है, ऐसे में भारतीय टीम जाहिर तौर पर पसंदीदा जीत की दावेदार है लेकिन इंग्लैंड (England) की टीम ने भी पूरी तैयारी की है और अपने साथ जैक लीच और डॉम बेस जैसे स्पिनर्स को लेकर पहुंची है।
इंग्लैंड (England) की टीम को अपने स्पिनर्स से अच्छा करने की उम्मीद है ताकि वो सीरीज का पहला मैच जीत कर बढ़त हासिल कर सकें। इस बीच भारतीय क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने जैक लीच को भारतीय परिस्थितियों में कामयाब होने और भारतीय बल्लेबाजों को आउट करने का तरीका बताया है।

सचिन ने बताया 2012 में किस प्लान से जीता था इंग्लैंड
गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) जिस दौरे की बात कर रहे हैं उसमें भारतीय टीम को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था और मोंटी पनेसर ने उस सीरीज में 3 मैच खेलकर 17 विकेट हासिल किये थे और इंग्लैंड (England) की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) इंग्लैंड (England) की टीम को उस दौरे पर मिली जीत के पीछे स्पिनर ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की एक जैसी गति से गेंदबाजी को दिया।
सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने साल 2012 में इंग्लैंड (England) की विजेता टीम का हिस्सा रहे मोंटी पनेसर को याद करते हुए कहा,' उस सीरीज में इंग्लैंड (England) की टीम एक अलग अटैक भारत आया था। ग्रीम स्वान दुनिया के बेस्ट स्पिनर्स में से एक थे और उनका साथ देने के लिये मोंटी पनेसर थे जो कि गेंद को फ्लाइट करने में विश्वास नहीं रखते थे। मोंटी अपनी गेंद में गति देते थे ताकि टप्पा तेजी से पड़कर गेंद घूम जाये। वहीं लीच की बात करें तो वह मोंटी के उलट थोड़ी धीमी गति से गेंदबाजी करते हैं।'

भारतीय पिचों पर कामयाब होने के लिये जैक लीच को करना होगा यह काम
सचिन ने आगे इस पर बात करते हुए कहा कि अगर जैक लीच को भारतीय परिस्थितियों में कामयाब होना है तो उन्हें अपनी बॉलिंग में मिश्रण करना होगा।
उन्होंने कहा, 'मैंने लीच की गेंदबाजी को काफी करीब से देखा है, वह अक्सर एक ही गति से गेंदबाजी करता है। अगर आपको पिच से टर्न और मदद मिल रही है तो बेहतर होगा कि आप अपनी स्पीड में भी मिश्रण लायें। अगर आप ऐसा करने में कामयाब होते हैं तो बल्लेबाजों को संभल पाने का बेहद कम समय मिलता है। 2012 में मोंटी पनेसर और ग्रीम स्वान ने यही प्लान बनाया था और जीत भी हासिल की। हालांकि मुझे लगता है कि चेन्नई की पिच पर तेज गेंदबाजों की भी बड़ी भूमिका होने वाली है और रिवर्स स्विंग भी देखने को मिलेगी। मुझे लगता है कि 15वें से 60वें ओवर तक गेंद रिवर्स स्विंग होगी और जब ऐसा होगा तो बल्लेबाज के पास काफी कम समय होगा।'
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