नई दिल्ली। 5 अगस्त से रियो ओलंपिक की शुरूआत होने जा रही है। खेलों के इस दंगल में 207 देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। रियो का ये दंगल 5 अगस्त से लेकर 21 अगस्त तक चलेगा।
10 बड़े चेहरे जो इस बार ओलंपिक का हिस्सा नहीं होंगे
लेकिन इस बार के रियो ओलंपिक में ऐसा कुछ होने जा रहा है, जो कि आज से करीब 120 साल पहले हुआ था। हम बात कर रहे हैं रिफ्यूजी एथलीट्स टीम की। इस बार आपको प्रतियोगिता में 10 ऐसे एथलीट दिखायी देंगे जो कि रिफ्यूजी एथलीट्स के रूप में खेलेंगे। ये किसी भी देश का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे।
इस टीम में सीरिया, साउथ सूडान और कॉन्गो के खिलाड़ी शामिल हैं। जिनकी जिम्मेदारी इंटरनेशनल ओलिंपिक एसोसिएशन ने ली है। ये नियमबद्द तरीके से ही प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं और इन दसों खिलाड़ियों को उन्हीं कोच के अंडर में खेलना होगा जिन्हें IOC ने अप्वाइंट किए हैं। इस टीम के जीते गए मेडल भी किसी देश के अकाउंट में नहीं जोड़े जाएंगे। आईओसी की ये स्पेशल टीम उसी की यूनिफॉर्म में होगी और उसी का ध्वज फहरायेगी।
रिफ्यूजी एथलीट्स को प्रतियोगिता में शामिल करने के पीछे इंटरनेशनल ओलंपिक एसोसिएशन का मकसद सिर्फ इतना ही है को वो दुनिया को ये बताना चाह रहे हैं कि रिफ्यूजियों को भी इज्जत, प्रेम और सम्मान मिलना चाहिए। उन्हें भी जिंदगी जीने का और जीवन में आगे बढ़ने का हक है।