जानिए कौन है 'गोल्ड' विजेता नीरज चोपड़ा, जो बचपन में थे मोटापे का शिकार

स्पोर्ट्स डेस्क(नोएडा)। ज्वेलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने वो कमाल कर दिखाया है जो आज तक भारत के लिए कोई भी नहीं कर सका। नीरज ने 87.58 का कभी ना भूला पाने वाला थ्रो लगाकर भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का टोक्यो ओंलपिक में पहला गोल्ड मेडल रहा। इसके अलावा नीरज व्यक्तिगत रूप से गोल्ड मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय भी बने। उनसे पहले 2008 में निशानेबाजी में अभिनव बिंद्रा ने गोल्ड मेडल जीता था। अब 13 साल बाद भारत के लिए नीरच ने कमाल कर दिखाया है। आखिर काैन है ये नीरज चोपड़ा, आइए जानें-

Tokyo Olympics : भारत ने जीते रिकाॅर्ड 7 मेडल, जानिए किन खिलाड़ियों ने दिलाएTokyo Olympics : भारत ने जीते रिकाॅर्ड 7 मेडल, जानिए किन खिलाड़ियों ने दिलाए

बचपन मे था मोटापे का शिकार

बचपन मे था मोटापे का शिकार

ट्रैक एंड फील्ड में नीरज सबसे फिट खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी फिटनेस ने ही भारत को गोल्ड दिलाने का काम किया है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब नीरज मोटापे का शिकार थे। नीरज का जन्म 24 दिसंबर 1997 को हरियाणा के खांद्रा गांव में हुआ था। वह गरीब किसान परिवार से आते हैं। नीरज जब 11 साल के थे तो वह मोटापे के शिकार हो गए थे। उनके घर वाले परेशान थे कि इतनी कम उम्र में उनके बेटे को मोटापा कैसे आ गया। लिहाजा उन्होंने नीरज को सलाह दी कि वो खेल-कूद की तरफ ध्यान दे।

इसके बाद नीरज ने अपना वजन कम करने के लिए ठान ली। वह पानीपत के शिवाजी स्टेडियम में जाकर मेहनत करने लगे। नीरज भी क्रिकेट की तरफ ज्यादा ध्यान देते थे, जैसे कि अन्य युवा देते हैं, स्टेडियम में जेवलिन थ्रो की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों को देखकर उनके मन में आया कि मैं इसे और दूर तक फेंक सकता हूं। बस फिर यहां से ही नीरज ने ज्वेलिन में अपना ध्यान लगा दिया जिसका अच्छा रिजल्ट अब उन्हें मिल गया है।

एथलेटिक्स चैंपियनशिप भी जीता था गोल्ड

एथलेटिक्स चैंपियनशिप भी जीता था गोल्ड

नीरज चोपड़ा सेना में अधिकारी हैं। यह उनका पहला ओलंपिक रहा है। एक गरीब घर से निकला लड़का आज वहां पहुंच गया है जहां तक पहुंचने का सपना हर किसी एथलीट का होता है। महज 23 साल की उम्र में नीरज ने कमाल कर दिखाया है। नीरज कई प्रतियोगिताओं में मेडल जीत चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले 2012 में एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। फिर 2015 में चीन में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 9वां स्थान हासिल किया। फिर 2016 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 86.48 मीटर दूर भाला फेंककर गोल्ड जीता था। फिर एशियन जूनियर चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम कर साबित किया वह कुछ कमाल कर सकते हैं।

यहां भी जीता है गोल्ड

यहां भी जीता है गोल्ड

नीरज ने 2018 के एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया हुआ है। खैर, नीरज ने बड़ी पहचान बना लीहै। वह टोक्यो ओलंपिक में क्वालीफिकेशन में ग्रुप ए में पहले स्थान पर रहे थे। यहां से उम्मीद बन गई कि गोल्ड मेडल आ सकता है। ग्रुप ए क्वालीफिकेशन राउंड के अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 86.65 मीटर का थ्रो फेंका था। अब 87.58 मीटर का थ्रो फेंकते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

Story first published: Saturday, August 7, 2021, 18:19 [IST]
Other articles published on Aug 7, 2021
POLLS
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Yes No
Settings X