जब आउट करने के चक्कर में थक गए कंगारू, पुजारा ने याद किया रांची टेस्ट
नई दिल्ली। भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्नर पुजारा ने उस मैच को याद किया है जिसमें उन्हें आउट करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम के पसीन छूट गए थे। साल 2017 के फरवरी महीने कंगारू टीम चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए भारत आई थी। सीरीज का तीसरा मैच 16 मार्च को रांची में खेला गया था जिसमें पुजारा बेहद धीमी पारी खेलते हुए दोहरा शतक ठोका था। इस मैच में पुजारा का विकेट लेने के लिए कंगारू टीम के पसीन छूट गए थे। अब पुजारा ने तीन साल बाद सोनी टेन पिट स्टॉप पर इस मैच को याद किया है।

पुजारा को आउट करने के लिए दाैड़ते रहे
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के बारे में बात करते हुए पुजारा ने कहा कि मुझे अभी भी उन्हें श्रेय देना होगा। उस मैच में ऑस्ट्रेलिया के स्टीव ओ कैफे ने 77 और नाथन लॉयन ने 46 ओवर की गेंदबाजी की थी। वहीं, तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने 39 और जोश हेजलवुड ने 44 ओवर फेंके थे।'' पुजारा ने कहा, ''वे पूरे समय दौड़ते ही रहे और हमें आउट करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देते रहे। लेकिन साहा के साथ हुई साझेदारी महत्वपूर्ण थी।

पिच गेंदबाजों के लिए नहीं थी
पुजारा ने बताया कि आखिर वो क्यों आसानी से आउट नहीं हुए थे। उन्होंने कहा, ''उनके बिना मुझे नहीं लगता है कि हम इतने बड़े स्कोर बना पाते। पिच उस समय गेंदबाजों की मदद के लिए बिल्कुल भी साबित नहीं हो रही थी। बल्लेबाज को छकाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को अतिरिक्त गति की जरूरत थी।'' पुजारा ने कहा, ''इसलिए यह उनके लिए बहुत मुश्किल था। एक बल्लेबाज के रूप मुझे इस तरह की चुनौती पसंद है। हम हमने 500 स्कोर बना लिया तो उनकी टीम में थकान साफ दिख रही थी।''

खेली थीं सबसे ज्यादा गेंदें
बता दें कि पुजारा ने पहली पारी में 202 रन बनाने के लिए 525 गेंदों का सहा लिया था। पुजारा द्वारा खेली गई यह पारी गेंदों का सामना करने के मामले में टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा गेंद में खेली गई पारी थी। पुजारा ने उस पारी में 11 घंटों तक बल्लेबाजी की थी। वहीं मैच ड्रा पर समाप्त हुआ था।
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