सलीम मलिक पर से पाबंदी हटी
पाकिस्तान की एक अदालत ने मैच फ़िक्सिंग आरोपों के कारण पूर्व कप्तान सलीम मलिक के खेलने पर लगी आजीवन पाबंदी को ख़त्म कर दिया है. सलीम मलिक पर मैच फ़िक्सिंग के आरोप लगे थे और जाँच के बाद वर्ष 2000 में उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. मामले की जाँच जस्टिस क़यूम ने की थी.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा है कि उसे अदालत का फ़ैसला मंज़ूर है. पीसीबी के क़ानूनी सलाहकार तफ़ज़्ज़ुल रिज़वी ने कहा कि वे अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील नहीं करेंगे.
सलीम मलिक पर मैच फ़िक्सिंग के कई आरोप लगे थे. इन आरोपों में से एक यह भी था कि वर्ष 1994 की सिरीज़ के दौरान मलिक ने ख़राब प्रदर्शन करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों शेन वॉर्न, मार्क वॉ और टिम मे को रिश्वत देने की कोशिश की थी.
सलीम मलिक अब 45 वर्ष के हो चुके हैं. लाहौर की अदालत के फ़ैसले के बाद उन्होंने कहा, "मैं सही साबित हो गया हूँ. मैं बहुत ख़ुश हूँ कि आख़िरकार मैच फ़िक्सिंग का कलंक धुल गया है."
सलीम मलिक ने कहा कि वे अदालत के फ़ैसले से ख़ुश तो हैं लेकिन पिछले आठ वर्षों में उन्होंने मानसिक मुश्किलों से गुज़रना पड़ा है और उनकी प्रतिष्ठा भी दाँव पर लगी थी.
भविष्य
मलिक अब क्रिकेट एकेडमी खोलने की योजना बना रहे हैं. भारत में क्रिकेट बोर्ड से अलग ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग की कार्यकारी समिति चेयरमैन कपिल देव ने सलीम मलिक को लीग में खेलने का न्यौता दिया है.
लेकिन सलीम मलिक का कहना है कि अब इतने लंबे समय मैदान से दूर रहने के कारण वे अब क्रिकेट नहीं खेल पाएँगे. हालाँकि हाल ही में पीसीबी के नए चेयरमैन एजाज़ बट के साथ उनकी दो मुलाक़ात हो चुकी है.
और मलिक ने भी कहा है कि किसी भी रूप में उन्हें अगर क्रिकेट की सेवा करने का मौक़ा मिलेगा तो वे ख़ुशी से ऐसा करेंगे.
सलीम मलिक ने पाकिस्तान की ओर से 103 टेस्ट मैच और 283 एक दिवसीय मैच खेले. वे वर्ष 1992 में विश्व कप जीतने वाली पाकिस्तान की टीम के सदस्य भी थे. अपने पहले ही टेस्ट में शतक लगाने का रिकॉर्ड भी सलीम मलिक के नाम है. वे उस समय सिर्फ़ 18 वर्ष के थे. वर्ष 1993 से 1995 तक वे पाकिस्तान के कप्तान भी रहे.
लेकिन मैच फ़िक्सिंग के आरोपों की जाँच के बाद उस समय के कई खिलाड़ियों पर मैच फ़िक्सिंग के आरोप लगे थे जिनमें सलीम मलिक थे. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जस्टिम क़यूम को इस मामले की जाँच सौंपी थी.
ये वो दौर था, जिसमें दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए ने सट्टेबाज़ों से पैसे लेने की बात कहकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी थी. मलिक पर यह आरोप था कि उन्होंने वॉर्न को रिश्वत देने की कोशिश की
क्रोनिए की इस स्वीकारोक्ति के बाद कई देशों में इस मामले की जाँच शुरू हुई. क्रोनिए पर भी आजीवन पाबंदी लगाई गई. बाद में वे एक विमान हादसे में मारे गए.
क्रोनिए के अलावा जिन खिलाड़ियों पर आजीवन पाबंदी लगाई गई, उनमें शामिल थे पाकिस्तान के सलीम मलिक, अता-उर-रहमान और भारत के मोहम्मद अज़हरुद्दीन और अजय शर्मा.
दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अता-उर-रहमान पर से पाबंदी हटा ली थी. सलीम मलिक ने भी इस मामले में अपने निर्दोष होने की बार-बार बात कही. इसी साल मई में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने लाहौर की अदालत को आदेश दिया कि वे इस मामले की फिर से जाँच करे.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कहा है कि उसे अदालत का फ़ैसला मंज़ूर है. पीसीबी के क़ानूनी सलाहकार तफ़ज़्ज़ुल रिज़वी ने कहा कि वे अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील नहीं करेंगे.
सलीम मलिक पर मैच फ़िक्सिंग के कई आरोप लगे थे. इन आरोपों में से एक यह भी था कि वर्ष 1994 की सिरीज़ के दौरान मलिक ने ख़राब प्रदर्शन करने के लिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों शेन वॉर्न, मार्क वॉ और टिम मे को रिश्वत देने की कोशिश की थी.
सलीम मलिक अब 45 वर्ष के हो चुके हैं. लाहौर की अदालत के फ़ैसले के बाद उन्होंने कहा, "मैं सही साबित हो गया हूँ. मैं बहुत ख़ुश हूँ कि आख़िरकार मैच फ़िक्सिंग का कलंक धुल गया है."
सलीम मलिक ने कहा कि वे अदालत के फ़ैसले से ख़ुश तो हैं लेकिन पिछले आठ वर्षों में उन्होंने मानसिक मुश्किलों से गुज़रना पड़ा है और उनकी प्रतिष्ठा भी दाँव पर लगी थी.
भविष्य
मलिक अब क्रिकेट एकेडमी खोलने की योजना बना रहे हैं. भारत में क्रिकेट बोर्ड से अलग ज़ी समूह के इंडियन क्रिकेट लीग की कार्यकारी समिति चेयरमैन कपिल देव ने सलीम मलिक को लीग में खेलने का न्यौता दिया है.
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और मलिक ने भी कहा है कि किसी भी रूप में उन्हें अगर क्रिकेट की सेवा करने का मौक़ा मिलेगा तो वे ख़ुशी से ऐसा करेंगे.
सलीम मलिक ने पाकिस्तान की ओर से 103 टेस्ट मैच और 283 एक दिवसीय मैच खेले. वे वर्ष 1992 में विश्व कप जीतने वाली पाकिस्तान की टीम के सदस्य भी थे. अपने पहले ही टेस्ट में शतक लगाने का रिकॉर्ड भी सलीम मलिक के नाम है. वे उस समय सिर्फ़ 18 वर्ष के थे. वर्ष 1993 से 1995 तक वे पाकिस्तान के कप्तान भी रहे.
लेकिन मैच फ़िक्सिंग के आरोपों की जाँच के बाद उस समय के कई खिलाड़ियों पर मैच फ़िक्सिंग के आरोप लगे थे जिनमें सलीम मलिक थे. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने जस्टिम क़यूम को इस मामले की जाँच सौंपी थी.
ये वो दौर था, जिसमें दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए ने सट्टेबाज़ों से पैसे लेने की बात कहकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैला दी थी. मलिक पर यह आरोप था कि उन्होंने वॉर्न को रिश्वत देने की कोशिश की
क्रोनिए की इस स्वीकारोक्ति के बाद कई देशों में इस मामले की जाँच शुरू हुई. क्रोनिए पर भी आजीवन पाबंदी लगाई गई. बाद में वे एक विमान हादसे में मारे गए.
क्रोनिए के अलावा जिन खिलाड़ियों पर आजीवन पाबंदी लगाई गई, उनमें शामिल थे पाकिस्तान के सलीम मलिक, अता-उर-रहमान और भारत के मोहम्मद अज़हरुद्दीन और अजय शर्मा.
दो साल पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने अता-उर-रहमान पर से पाबंदी हटा ली थी. सलीम मलिक ने भी इस मामले में अपने निर्दोष होने की बार-बार बात कही. इसी साल मई में पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने लाहौर की अदालत को आदेश दिया कि वे इस मामले की फिर से जाँच करे.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:20 [IST]
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