बायोबबल की परेशानी पर इरफान पठान ने तोड़ी चुप्पी, BCCI से चाहते हैं इस नई पॉलिसी पर काम
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप में भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही है और पहले दो मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा है। इन दो मैचों में भारतीय टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा और उसे एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गये दूसरे मैच में हार का सामना करने के बाद भारतीय टीम के लिये सेमीफाइनल में पहुंचने के दरवाजे लगभग बंद हो गये हैं, जिसके बाद चारों तरफ उसकी आलोचना हो रही है। वहीं कीवी टीम से हार के बाद भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने भारतीय टीम के बिजी शेड्यूल और बायोबबल की लाइफ से होने वाली परेशानी का जिक्र किया था और कहा था कि आप कितनी भी कोशिश कर लें पर इसका मानसिक प्रभाव जरूर होता है।
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वहीं इसको लेकर अब भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी इरफान पठान ने भी अपनी राय दी है और कहा है कि भारतीय टीम के कमरतोड़ शेड्यूल और बायोबबल की लाइफ के चलते खिलाड़ियों के लिये टी20 विश्वकप जैसे टूर्नामेंट की तैयारी चुनौतीपूर्ण हो जाती है। उल्लेखनीय है कि भारतीय टीम ने पिछले साल नवंबर से शुरू हुए शेड्यूल के बाद से अब तक काफी समय बायोबबल में बिताया है, इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया दौरा, इंग्लैंड सीरीज, आईपीएल 2021 के दोनों लेग, विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल और इंग्लैंड सीरीज भी रही।
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कमरतोड़ शेड्यूल का होता है मानसिक असर
इस दौरान भारतीय टीम लगातार खेलती नजर आयी है और कोरोना महामारी के चलते उसे अपना ज्यादातर समय बायोबबल में गुजरी है। इतना ही नहीं विश्वकप के बाद भी भारतीय टीम का शेड्यूल अगले साल अगस्त तक पूरी तरह से बिजी है, जिसमें उसे एक के बाद एक लगातार मैच खेलना है। इसी पर बात करते हुए इरफान पठान ने अपनी राय रखी है और कहा कि कमरतोड़ शेड्यूल के बीच टी20 विश्वकप आने तक खिलाड़ी थक जाते हैं।
स्टार स्पोर्टस से बात करते हुए उन्होंने कहा,'देखिये, भारतीय टीम लगातार बिना रुके हुए दौरे कर रही है, पहले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप, फिर इंग्लैंड दौरा- जो कि काफी लंबा समय था और फिर पूरा आईपीएल और अब विश्वकप खेलना, किसी भी खिलाड़ी के लिये लगातार इतना खेलना आसान नहीं होता है। हालांकि ज्यादातर टीमें भी हमारी ही तरह बिजी शेड्यूल में खेलती है, ऐसे में आपको सकारात्मक सोच रखनी होगी।'

खिलाड़ियों को नजरिया बदलने की जरूरत
इरफान पठान ने आगे बात करते हुए कहा कि पिछले दो सालों में महामारी का काफी दुष्प्रभाव देखने को मिला है, जिसके चलते काफी लोगों की नौकरी चली गई है, ऐसे में आपको नजरिया बदलना होगा। जहां लोगों के पास नौकरी नहीं है वहां पर आपको देश का प्रतिनिधित्व करते हुए वो काम करने का मौका मिल रहा है जो आपको सबसे ज्यादा पसंद है, यह किसी भी व्यक्ति के लिये सबसे ज्यादा गर्व की बात है। आपको इस तरह से सोचने की जरूरत हैं। मुझे पता है कि यह इतना आसान नहीं है, हम सभी इंसान हैं और किसी न किसी तरीके से घर की याद जरूर आती है।

रोटेशन पॉलिसी पर विचार करने की जरूरत
गौरतलब है कि टी20 विश्वकप के तुरंत बाद भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी20 और 2 मैचों की टेस्ट सीरीज की मेजबानी करनी है, जिसमें चयनकर्ता केएल राहुल की कप्तानी में दोयम दर्जे की भारतीय टीम को मौका देते हुए नजर आ सकते हैं। इसी पर बात करते हुए इरफान पठान ने कहा कि खिलाड़ियों को ब्रेक देना जरूरी है और वक्त आ गया है कि बीसीसीआई रोटेशन पॉलिसी को लागू करने के बारे में न सिर्फ सोचे बल्कि बात करना शुरू करे।
उन्होंने कहा,'विश्वकप के बाद जो सीरीज होने वाली है, उसमें हमें कई खिलाड़ी ब्रेक लेते हुए नजर आयेंगे क्योंकि आप हर समय अपने हर खिलाड़ी को खेल में व्यस्त नहीं रखना चाहेंगे, अंत में हम सभी मशीन नहीं बल्कि इंसान हैं। मैं चाहता हूं कि जिन भी खिलाड़ियों को जो भी मैच खेलने का मौका मिलता है वह उस पर ध्यान दें और यह याद रखें की आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो अपना सबकुछ देते नजर आयें।'
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