BBC Hindi

मोहम्मद शमी: स्टारडम, मुक़दमे और वापसी

By नितिन श्रीवास्तव
MOHD SHAMI, TWITTER

2015 में वनडे क्रिकेट विश्व कप का एक अहम मुक़ाबला होली के दिन होना था.

जगह थी ऑस्ट्रेलिया का पर्थ शहर और उस समय की विश्व चैम्पियन भारत की भिड़ंत होनी थी वेस्ट इंडीज़ से.

मैच के दो दिन पहले पर्थ के नामचीन वाका स्टेडियम में दोनों टीमें अलग-अलग समय पर नेट्स अभ्यास करने पहुँची.

टीम इंडिया की बस से पहले उतरने वालों में सुरेश रैना, शिखर धवन और रविंद्र जडेजा थे और सभी के हाथों में गुलाल के पैकेट थे.

सबसे आख़िर में उतरने वालों में मोहम्मद शमी थे जिनके माथे पर सफ़ेद गुलाल और अबीर लगा हुआ था और वे मुस्कुराते हुए नेट्स पर पहुँचकर गेंदबाज़ी करने में जुट गए.

भारत का पिछला मैच यूएई से था जिसे शमी नहीं खेल सके थे और इस बार उन्हें ख़ुद को साबित करने की जल्दी थी.

नेट्स के दौरान मैंने पूछा, "फ़िट महसूस कर रहे हैं, शमी भाई?".

नेट्स पर धोनी बैटिंग कर रहे थे. शमी ने पूरा रनअप लेकर धोनी को एक योर्कर डाली जो सीधे धोनी के निचले पैड पर जा कर लगी. पीछे खड़े रवि शास्त्री ने सिर हिलाकर गेंद की सराहना की.

नेट्स ख़त्म होने के पहले मोहम्मद शमी मुझसे बोले, "होली का दिन है. मैच में मज़ा आएगा".

MOHD SHAMI, TWITTER

ख़ुद को साबित करने उतरे

शमी से सवाल पूछने की वजह थी. उस विश्व कप से पहले 2014 में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ हुई वनडे सिरीज़ में शमी ने 10 विकेट लिए थे और उसके बाद की श्रीलंका सिरीज़ के लिए उनका चयन भी हो गया था. लेकिन एकाएक उनकी जगह धवल कुलकर्णी को टीम में शामिल किया गया, क्योंकि शमी के पैर के अंगूठे में चोट लग गई थी.

बहराल, 6 मार्च, 2014 को वाका में खेले गए मैच में भारत ने वेस्ट इंडीज़ को 44 ओवरों में महज़ 182 के स्कोर पर समेट दिया. चार विकट रहते हुए भारतीय बल्लेबाज़ों ने ये लक्ष्य 40वें ओवर में ही पूरा कर लिया.

मैन आफ़ द मैच रहे मोहम्मद शमी जिन्होंने आठ ओवरों में दो मेडन फेंकते हुए तीन विकट झटके. इसमें स्मिथ, क्रिस गेल और कप्तान डैरन सैमी के विकेट शामिल थे.

इमेज कॉपीरइटALLSPORT/GETTY IMAGES

उस विश्व कप के पहले मैच में शमी ने ऐसा ही कुछ किया था पाकिस्तान के ख़िलाफ़. सर डॉन ब्रैडमन के शहर एडिलेड में खेले गए मैच में शमी ने जिन चार पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों को पवेलियन लौटाया था उसमें, यूनुस ख़ान, मिसबाह-उल-हक़, शाहिद आफ़रीदी और वहाब रियाज़ शामिल थे.

उस टूर्नामेंट में शमी जैसे ख़ुद को साबित करने के लिए उतरे थे.

ठीक उसी तरह जैसे फ़िलहाल इंग्लैंड में चल रहे विश्व कप, 2019 में देखने को मिला, जब भारत के शुरुआती चार मैचों में शमी को प्लेयिंग-11 में जगह तक नहीं मिली.

लेकिन अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हुए मैच में उन्होंने आख़िरी ओवर में हैटट्रिक लेकर भारत को न सिर्फ़ हार के मुँह से बाहर निकाला, बल्कि साख भी बचाई.

एएफ़पी के पूर्व क्रिकेट एडिटर कुलदीप लाल के मुताबिक़, "भारत के लिए विश्व कप इस आख़िरी ओवर और नतीजे के साथ ही शुरू हुआ है. आगे रोमांच बढ़ेगा".

इससे पहले किसी भी विश्व कप में भारत की तरफ़ से एकमात्र हैटट्रिक चेतन शर्मा ने ली थी और शमी की उपलब्धि पर ख़ुद चेतन शर्मा ने मुबारकबाद भेजी.

MOHD SHAMI, TWITTER

शुरुआत

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले मोहम्मद शमी ने अपने भाइयों की तरह बचपन से ही अमरोहा के खेतों में क्रिकेट खेलना शुरू किया.

क्रिकेट प्रैक्टिस की शुरुआत अपने गाँव, अलीनगर सहसपुर के अपने खेत के बीच बनी सीमेंट की पिच से हुई थी.

किसान पिता तौसीफ़ अहमद ख़ुद क्रिकेट के दीवाने थे और बच्चों के हुनर की पहचान भी रखते थे.

उन्होंने ही ज़िद की थी कि शमी मुरादाबाद में क्रिकेट कोच बदरूद्दीन की अकैडमी में क्रिकेट खेलने जाएँ.

उसके बाद से मोहम्मद शमी ने पीछे मुड़ कर तभी देखा जब स्टेशन पर खड़े उनके पिता और भाई हाथ हिलाकर शमी को कोलकाता के लिए अलविदा कह रहे थे.

MOHD SHAMI, TWITTER

जब शमी को उत्तर प्रदेश की जूनियर क्रिकेट टीम के चयन में नाकामी मिली तो कोच बदरूद्दीन ने उन्हें कोलकाता भेजकर खेलने की योजना बनाई.

सालों तक डलहौज़ी और टाउन क्लब के लिए क्रिकेट खेलने के बाद शमी को बंगाल की अंडर-22 टीम में जगह मिली थी.

परिवार के एक क़रीबी मित्र ने नाम न लेने कि शर्त पर बताया कि उस टीम के लिए खेलने के बाद जब शमी अमरोहा आए थे तो जाड़े की एक शाम उन्होंने अदरक की चाय पीते वक़्त कहा था, "अगर भारतीय सेलेक्टर्स मुझे कल सुबह टीम इंडिया के नेट्स पर भी गेंदबाज़ी करने दे दें तो मेरा जीवन सफल हो जाएगा".

दरअसल ख़ुद शमी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि उनका समय बदलने वाला है.

2010 में रणजी खेलने के बाद 2013 में उन्हें टीम इंडिया के लिए चुना गया.

ख़ुद शमी ने इस बारे में कहा था, "कोलकाता में ईडन गार्डन में सौरव गांगुली जैसों को गेंदबाज़ी करने का मौक़ा मिला और बहुत कुछ सीखने को भी मिला. वो आईपीएल का शुरुआती दौर था और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज़ों को तेज़ गेंदबाज़ी करने के मौक़े मिलते जा रहे थे."

इस बीच, पहले एक दिवसीय और फिर टेस्ट टीम में आते ही शमी ने विकेट चटकाने शुरू कर दिए थे. 2015 में ऑस्ट्रेलिया में हुए विश्व कप के पहले हुए टेस्ट दौरों में शमी अपने चरम पर थे.

मोहम्मद शमी: स्टारडम, मुक़दमे और वापसी

हालाँकि विश्व कप के सेमीफ़ाइनल में भारत की हार के बाद उन्होंने इस बात को उजागर किया था कि उनके पैर में थोड़ी चोट थी. टीम को कवर करने वालों को भी इस बात का अहसास हो चला था.

सिड्नी में भारत और मेज़बान ऑस्ट्रेलिया का सेमीफ़ाइनल होना था. एक दिन पहले एससीजी में नेट्स के दौरान मोहम्मद शमी ने क़रीब एक दर्जन गेंदें फेंकी. इतनी देर में उस समय भारतीय टीम के गेंदबाज़ी कोच भारत अरुण उनके पास पहुँचे और क़रीब पाँच मिनट तक बातचीत हुई. शमी ने इसके बाद नेट्स में अपना रनअप छोटा कर दिया और गेंदबाज़ी के बाद फ़ील्डिंग ड्रिल में भी हिस्सा नहीं लिया.

द वीक मैगज़ीन की क्रिकेट संवाददाता नीरू भाटिया विश्व कप के समय वहाँ मौजूद थीं.

मैंने नेट्स के दौरान उनसे शमी और अरुण की उस चर्चा पर बात की थी.

नीरू भाटिया का कहना था कि, "शमी की पिछले साल वाली चोट पूरी तरह से ठीक भी नहीं हो सकी थी कि विश्व कप आ गया. उन्हें खिलाना एक कैलकुलेटड रिस्क था जो अब तक सफल तो रहा है. कब तक रहेगा, इसका पता तो शायद शमी को भी नही होगा".

अगले दिन खेले गए सेमीफ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 300 रन पार किए और मोहम्मद शमी को अपने दस ओवर में एक भी विकेट नहीं मिली और 68 रन भी देने पड़े.

MOHD SHAMI, TWITTER

विवाद

2018 के पहले तक मोहम्मद शमी, क्रिकेट के जुनून और सफलताओं के बीच चोट ही एक मात्र रुकावट बनती रही.

शमी ने इससे उबरना भी शुरू कर दिया था कि एकाएक उनकी निजी ज़िंदगी में एक भूचाल सा आया.

मार्च, 2018 में पत्नी हसीन जहाँ ने उन पर घरेलू हिंसा, हत्या की कोशिश और बलात्कार के आरोप लगाए और कोलकाता पुलिस ने शमी के ख़िलाफ़ एफ़आइआर दर्ज की.

मोहम्मद शमी ने इन सभी आरोपों को ग़लत बताते हुए ट्वीट किया था, "जितनी भी ख़बरें मेरे बारे में चल रहीं हैं, सभी ग़लत हैं और एक साज़िश है जिससे मुझे बदनाम किया जा सके और मेरा गेम ख़राब किया जा सके".

इस सब के बीच शमी की पत्नी ने एक और गम्भीर आरोप लगाया था, मैच फ़िक्सिंग का. नतीजा ये हुआ कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने टीम के खिलाड़ियों को मिलने वाले कॉंट्रैक्ट में से मोहम्मद शमी को बाहर कर दिया और जाँच शुरू हो गई.

बीसीसीआई की एंटी करपशन यूनिट ने शमी को मैच फ़िक्सिंग के आरोप में निर्दोष पाया और शमी को दोबारा अनुबंधित किया.

लेकिन इतने में ये ख़बर आग की तरह फैल चुकी थी.

MOHD SHAMI, TWITTER

अमरोहा में मोहम्मद शमी के गाँव में लोग इस ख़बर को लेकर तब भी सकते में थे और आज भी हैं.

रिश्तेदार मुमताज़ (नाम बदला हुआ) ने बताया, "यक़ीन नहीं होता चीज़ें बिगड़ी कैसे. दोनों यहाँ अक्सर आते थे और हँसी-ख़ुशी जाते थे. बेटी भी बहुत प्यारी है. शमी ने अपनी पत्नी के नाम पर एक फ़ार्म भी ले रखा था. देखिए, आगे क्या होता है?".

शमी और उनकी पत्नी के बीच का विवाद अभी तक सुलझा नहीं है.

लेकिन शमी की परेशनियाँ वहीं पर ख़त्म नहीं हुईं. भारतीय टीम में जगह पाने के लिए हर खिलाड़ी को यो-यो नाम के फ़िटनेस टेस्ट से गुज़रना पड़ता है.

अपने घरेलू विवाद के सिर्फ़ तीन महीने बाद हुए उस टेस्ट में फ़ेल हो जाने पर शमी को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ होने वाले टेस्ट मैच में टीम से बाहर होना पड़ा.

अगर शमी के क़रीबी लोगों की मानें तो शायद ये, "आख़िरी झटका था और शमी भाई ने तय कर लिया कि दोबारा वैसे ही प्रैक्टिस शुरू कर देनी है जैसी टीम में पहली बार आने के लिए 2013 तक की थी".

शमी ने अपने शुरुआती कोच बदरूद्दीन की भी मदद ली और फ़िटनेस पर ध्यान देना शुरू कर दिया.

अक्तूबर, 2018 में ही टीम में धुआँधार वापसी की. वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ घरेलू सिरीज़ में अच्छी गेंदबाज़ी के चलते मोहम्मद शमी को इसी साल जनवरी में हुए न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के दौरों में टीम इंडिया में जगह मिली.

मोहम्मद शमी: स्टारडम, मुक़दमे और वापसी

भले ही इंग्लैंड में चल रहे विश्वकप में उन्हें भारत के पहले तीन मैचों में नहीं खिलाया गया लेकिन टीम को कवर कर रहे एक वरिष्ठ पत्रकार के मुताबिक़, "अगर नेट्स में शमी की तेज़ गेंदों को इंग्लिश कंडीशंस में खेलने को न मिले तो भारतीय बल्लेबाज़ों की मैच प्रैक्टिस उतनी बेहतर नहीं हो सकेगी जितनी दिखी है."

हाल ही में शमी ने इस बात को उजागर भी किया है कि अपनी फ़िटनेस बेहतर करने के लिए उन्होंने ब्रेड और मिठाई खाना भी बंद कर दिया है जिसके चलते उनका वज़न भी पहले से कम हुआ है.

मुग़लई खाने के शौक़ीन मोहम्मद शमी ने कुछ साल पहले एडिलेड में टीम इंडिया के होटल में मुझसे कहा था, "फ़ोरेन टूर तो बहुत अच्छे मौक़े होते हैं अपने गेम को बेहतर करने के. बस खाने का थोड़ा मसला रहता है. अंग्रेज़ी खाना बहुत दिन खाया भी तो नहीं जाता."

तब से अब में बहुत कुछ बदल चुका है मोहम्मद शमी की ज़िंदगी में. एक चीज़ है जो तब भी थी और आज भी है.

धोनी, कोहली, रोहित शर्मा जैसे उन सात भारतीय क्रिकेटरों में शमी भी शामिल हैं जो 2015 का विश्व कप भी खेले थे और 2019 का भी खेल रहे हैं.

BBC Hindi
Story first published: Wednesday, June 26, 2019, 10:18 [IST]
Other articles published on Jun 26, 2019

Latest Videos

    + More
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more