नई दिल्ली। रियो ओलंपिक से पहले जिस तरह से नरसिंह यादव डोप टेस्ट में फेल हो गये हैं, उसके बाद तमाम साजिश की बात एक-एक करके सामने आ रही है। नरसिंह यादव ने हरियाणा पुलिस को लिखित शिकायत कर बताया है कि कौन है जिसने उनके खाने में प्रतिबंधित दवा मिलायी है।
डोप टेस्ट में फेल होने पर सुसाइड करना चाहते थे नरसिंह यादव
नरसिंह यादव ने पत्र में लिखा है कि एक पहलवान जिसकी उम्र 17 वर्ष है ने उनके खाने में कुछ मिलाया है और वह उसे जानते हैं, यही नहीं उन्होंने लिखा है कि खानसामा भी उस व्यक्ति को पहचानता है। नरसिंह ने पत्र में लिखा है कि जिस व्यक्ति ने उनके खाने में प्रतिबंधित दवा मिलायी है वह अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी का भाई जोकि छत्रसाल मैदान में प्रैक्टिस करता है। वहीं भारतीय ओलंपिक संघ ने भारत की ओर से प्रवीण राणा को नरसिंह की जगह ओलंपिक में भेजने का ऐलान किया है।
लेकिन जिस तरह से ओलंपिक शुरु होने से कुछ दिन पहले यह घमासान शुरु हुआ है उसने खिलाड़ियों के अभ्यास पर खासा असर डाला है। कई खिलाड़ी इन विवादों की वजह से अस्थिर हुए हैं। जहां खिलाड़ियों को इस समय तैयारियों में जुटे होना चाहिए था, उस वक्त खिलाड़ी एक दूसरे को शक की नजर से देख रहे हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ ने नरसिंह यादव की जगह सुशील कुमार को रियो ओलंपिक भेजने से साफ इनकार कर दिया है। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूण सिंह ने कहा कि पहले भी 5 जुलाई को इस तरह का मामला सामने आया था अगर उस वक्त कार्यवाही की गयी होती तो यह नौबत नहीं आती।
खुलासाः नरसिंह के खाने में मिलावट करने वाले की हुई पहचान?
वहीं खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा है कि अगर कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल होता है तो उसकी जगह पर कोई दूसरा खिलाड़ी नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार सब्सिट्यूट को डोप टेस्ट में फेल होने की जगह नहीं भेजा जा सकता है। ऐसा उस परिस्थिति में होता है जब खिलाड़ी बीमार हो।
बहरहाल आज नरसिंह यादव नाडा के सामने पेश होंगे जहां वह अपनी सफाई देंगे। अगर नाडा नरसिंह यादव की सफाई और गवाहों के जरिए खुद को निर्दोष साबित करने में सफल होते हैं तो उनके रियो में जाने का रास्ता खुल सकता है।